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Friday, 1 May, 2026
होमरिपोर्टयूपी का ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान बना वैश्विक मिसाल, ब्रिक्स देशों ने की सराहना

यूपी का ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान बना वैश्विक मिसाल, ब्रिक्स देशों ने की सराहना

9 देशों के युवाओं ने कहा, ऐसे अभियान से लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ा जा सकता है. जलवायु परिवर्तन से निपटने का रास्ता दिखा रहा उत्तर प्रदेश.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी चर्चा अब ब्रिक्स देशों तक पहुंच गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान ने प्रदेश को पौधरोपण के मामले में नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.

9 जुलाई 2025 को एक ही दिन में 37 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाकर यूपी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया. वहीं पिछले 9 सालों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं. इस बड़ी उपलब्धि को दुनिया के कई देशों ने सराहा है और ऐसे अभियान अपने यहां भी चलाने की इच्छा जताई है.

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित वर्चुअल समिट में 9 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथोपिया, ईरान और इंडोनेशिया के युवाओं ने यूपी के इस अभियान की खुलकर तारीफ की.

युवाओं का कहना था कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसा अभियान लोगों को प्रकृति से भावनात्मक रूप से जोड़ता है. उनका मानना है कि पर्यावरण बचाने के लिए सिर्फ नारे काफी नहीं हैं, बल्कि ऐसे अभियान जरूरी हैं जो लोगों के दिल को छू सकें.

बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि इस समिट में यूपी की ओर से अमन कुमार ने भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भारत की बात रखी. अमन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से जूझ रही दुनिया में हर नागरिक को प्रकृति बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी.

उन्होंने बताया कि यूपी का यह अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कृति, भावना और सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि अब यह पहल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही अमन कुमार को स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से सम्मानित कर चुके हैं. अमन का कहना है कि प्रदेश में पर्यावरण के लिए जो काम हो रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ.

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि जब किसी अभियान से भावनात्मक जुड़ाव होता है, तभी उसका असर लंबे समय तक रहता है. यूपी का यह मॉडल दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं.

ब्रिक्स देशों के युवाओं की सराहना से यह साफ है कि उत्तर प्रदेश की यह पहल अब दुनिया के लिए भी प्रेरणा बन रही है.

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