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Wednesday, 30 September, 2026
होमरिपोर्टआपदा के हर चरण में पुलिस की अहम भूमिका, प्रशिक्षु डिप्टी एसपी को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारी

आपदा के हर चरण में पुलिस की अहम भूमिका, प्रशिक्षु डिप्टी एसपी को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारी

USDMA में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को आपदा से पहले की तैयारी, राहत-बचाव, पुनर्वास और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जानकारी दी गई.

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देहरादून: उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) में वर्ष 2024 और 2026 बैच के प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था, संस्थागत ढांचे और आपदा के अलग-अलग चरणों में पुलिस और आपदा प्रबंधन तंत्र की भूमिका की जानकारी दी गई.

प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा जोखिम कम करने, तैयारी, आपदा के दौरान कार्रवाई, राहत और पुनर्वास के साथ-साथ आपदा के समय पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के बारे में भी बताया गया.

इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा प्रबंधन विभाग की कार्यप्रणाली, IRS (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) की अवधारणा और संरचना, चेतावनी प्रसारित करने की व्यवस्था, आपदा से पहले की तैयारी, आपदा के दौरान तुरंत कार्रवाई और आपदा के बाद पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई.

उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका, नीतिगत दिशा-निर्देशों और राज्य स्तर पर उनके लागू किए जाने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया. अधिकारियों ने SEOC और DEOC की कार्यप्रणाली को भी समझा.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने कहा कि आपदा प्रबंधन के पूरे चक्र यानी आपदा से पहले, आपदा के दौरान और आपदा के बाद पुलिस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण और संवेदनशील होती है.

उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस उन प्रमुख एजेंसियों में शामिल होती है, जो सबसे पहले मौके पर पहुंचती हैं. पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि लोगों की जान बचाने और राहत एवं बचाव कार्यों में तुरंत सहयोग करना भी उसकी जिम्मेदारी है.

उन्होंने बताया कि आपदा के समय पुलिस की प्रमुख जिम्मेदारियों में प्रभावित इलाकों में जल्दी पहुंचना, लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना, भीड़ और यातायात को संभालना, राहत सामग्री के वितरण में मदद करना, संवेदनशील जगहों की सुरक्षा करना, अफवाहों पर रोक लगाना और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना शामिल है.

इसके अलावा प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, SDRF और दूसरी एजेंसियों के साथ तालमेल बनाकर मिलकर प्रभावी कार्रवाई करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.

इस मौके पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन और DIG राजकुमार नेगी ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को आगे एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के तौर पर आपदा प्रबंधन से जुड़ी रणनीतिक और नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभानी होंगी.

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समर्पण, मानवीय संवेदनशीलता, अनुशासन और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता प्रभावी आपदा प्रबंधन की कुंजी होती है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षु डिप्टी एसपी को आपदा प्रबंधन की जमीनी समझ देंगे और वे भविष्य में राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे.

इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, डॉ. पीडी माथुर, प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक दक्ष शोखंद, लव शर्मा, अदिति पुनेठा, हिमांशु दिवाकर, आदित्य तिवारी, दिव्येश उपाध्याय, अंकित थपलियाल, समीरण भट्ट, विनय सिंह, दीप्ति कैड़ा और तनुजा बिष्ट मौजूद रहे.

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