पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को अधिकारियों को अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और पूरे राज्य में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
चौधरी ने अधिकारियों को जिले और थाने के हिसाब से अपराधियों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने पुलिस से यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अपराध नियंत्रण कानून (CCA) के प्रावधानों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि बार-बार अपराध करने वालों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके.
उन्होंने आपराधिक मामलों की तेजी से और प्रभावी जांच करने पर जोर दिया. साथ ही कहा कि दोषी पाए जाने वालों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए अभियोजन की प्रक्रिया मजबूत की जाए.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे संवेदनशील इलाकों की पहचान करने का निर्देश दिया, जहां अशांति या आपराधिक गतिविधियों की आशंका रहती है. उन्होंने इन इलाकों में नियमित गश्त, लगातार निगरानी और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने जिला स्तर की दंगा नियंत्रण इकाइयों को नए सिरे से व्यवस्थित करने और विशेष टास्क फोर्स को मजबूत और आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया.
आपातकालीन पुलिस सेवाओं की समीक्षा करते हुए चौधरी ने डायल-112 की प्रतिक्रिया का समय और कम करने तथा आपातकालीन मदद की पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने को कहा.
साइबर अपराध के मामले में उन्होंने सभी जिलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रभावी नजर रखने को कहा. उन्होंने साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार करने का भी निर्देश दिया, ताकि लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें.
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली भ्रामक, आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामग्री के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से जुड़े संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दो घंटे के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए. इस पूरी प्रक्रिया की मुख्यालय स्तर पर निगरानी भी की जानी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कामकाजी माहौल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया. उन्होंने सार्वजनिक जगहों पर अशांति फैलाने वाले तत्वों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अश्लील या दोहरे अर्थ वाले गानों के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर देते हुए चौधरी ने कहा कि परीक्षाएं बिना किसी गड़बड़ी के निष्पक्ष तरीके से कराई जानी चाहिए. उन्होंने परीक्षा में अनियमितता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा, “बिहार को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाना है. हर हाल में कानून-व्यवस्था में सुधार होना चाहिए.”
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.