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Monday, 28 September, 2026
होमरिपोर्ट‘सपा नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही’: CM योगी का हमला

‘सपा नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदल रही’: CM योगी का हमला

1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए. योगी ने कहा- छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य, सपा-कांग्रेस नेता गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे.

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सरकारी नौकरियों और गांवों के विकास को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने नौजवानों के हक छीने, पिछड़ों और दलितों को योजनाओं से दूर रखा और नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, वे अब नए रूप और नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते नजर आ रहे हैं. उन्होंने लोगों से इनसे सावधान रहने को कहा.

योगी ने कहा कि ऐसे लोग भ्रम पैदा करके राज्य को अराजकता की ओर ले जाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने सपा-कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है. “वे गिनते रहें, हम नियुक्ति पत्र बांटते रहेंगे.”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 11 नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र दिए.

उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिवारों को बधाई दी. योगी ने कहा कि उन्होंने 15 सितंबर के आसपास कहा था कि हर सप्ताह नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे और छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र दिया जाएगा. 20 सितंबर से यह चौथी नियुक्ति पत्र वितरण प्रक्रिया पूरी हुई है. अक्टूबर के पहले सप्ताह से फिर नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे.

सीएम ने कहा कि सपा शासनकाल में संवेदनहीनता की हद थी. उनके मुताबिक, बेईमानी में डूबे लोग माफिया के सामने झुकते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है.

उन्होंने कहा कि अब कोई माफिया हथियारों के साथ गाड़ियों का काफिला लेकर नहीं चल सकता. “आज यूपी में नागरिक सीना तानकर और माफिया सिर झुकाकर चलता है.” उन्होंने कहा कि माफिया को पता है कि गरीब की झोपड़ी पर कब्जा करने या व्यापारी से फिरौती मांगने की कोशिश की तो कार्रवाई होगी.

योगी ने कहा कि अब माफिया और उनके आका डरे हुए हैं. भ्रष्टाचार मुक्त माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है.

मुख्यमंत्री ने समयसीमा के अंदर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को बधाई दी.

उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र एक नौजवान को मिलता है, लेकिन खुशी पूरे परिवार और रिश्तेदारों में होती है. उनके लिए यही होली-दीवाली है.

उन्होंने कहा कि जो राज्य 10 साल पहले बीमारू था, उसे निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ सबसे समृद्ध राज्य के रूप में खड़ा किया गया है. युवाओं के सपनों को उड़ान देने और उन्हें मंजिल तक पहुंचाने के लिए मंच चाहिए. उन्होंने कहा कि युवाओं की पीढ़ी भाग्यशाली है कि उन्हें ऐसा माहौल मिल रहा है.

सीएम योगी ने कहा कि सरकार युवाओं को मंच देकर उनकी ऊर्जा और प्रतिभा का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश की तरक्की में करने में सफल रही है.

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले युवाओं में आशंका, हताशा और निराशा थी. योग्यता होने के बावजूद सिर्फ पहचान या पहुंच नहीं होने की वजह से गरीब बच्चों से नौकरी बहुत दूर थी.

योगी ने कहा कि 2017 में सरकार ने इस व्यवस्था, बेईमानी और माफियाराज से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया था. अब सरकारी नौकरी पाने वाले साढ़े 9 लाख युवाओं की प्रतिभा से यूपी विकास की नई कहानी लिख रहा है.

मुख्यमंत्री ने पिछले साढ़े 9 साल में हुए बदलावों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी देश के पांच सबसे पिछड़े राज्यों में था, लेकिन अब टॉप-3 में है.

उन्होंने कहा कि यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है. उनके मुताबिक, यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में योजनाओं को ईमानदारी से लागू करने का परिणाम है.

योगी ने कहा कि आज सरदार भगत सिंह की जयंती है. जब उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, तब उनकी उम्र सिर्फ 23 साल थी. आज नियुक्ति पत्र पाने वाले कई युवाओं की उम्र भी 20 से 27 साल के बीच है.

उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने देश के लिए इसलिए बलिदान दिया था ताकि आने वाले समय में नौजवानों का जीवन बेहतर हो.

योगी ने कहा कि 28 सितंबर 2023 को यूपी के 57,600 से ज्यादा गांवों ने ODF Plus का लक्ष्य हासिल किया था. 2017 के बाद 3.32 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए हैं.

सीएम योगी ने कहा कि करीब 30 जिलों में गंदगी के कारण मस्तिष्क ज्वर से दलित, पिछड़े और गरीब वर्ग के सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी.

उन्होंने कहा कि गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में तेज धूप में एक बेड पर चार-चार बच्चे भर्ती होते थे. योगी ने आरोप लगाया कि सपा ने चार बार सरकार चलाई, लेकिन उस समय के स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल तक का दौरा नहीं किया.

उन्होंने कहा कि सपा के लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई था और बाकी गांवों और जिलों से उसे कोई मतलब नहीं था.

योगी ने कहा कि भारत सरकार 2017 से पहले भी पैसा देती थी, लेकिन इसका लाभ सिर्फ सपा के लोगों को मिलता था. उन्होंने कहा, “हम चुनाव जरूर पार्टी पर लड़ते हैं, लेकिन सत्ता में आते हैं तो बिना भेदभाव सबको योजनाओं का लाभ देते हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1996 में तीन स्तर वाली पंचायत व्यवस्था लागू हुई थी. उस समय ग्राम प्रधानों के पास कार्यालय नहीं था और काम उनके घर से चलता था. उन्होंने कहा कि विरोधी दल का व्यक्ति ग्राम प्रधान के घर कैसे जाता.

उन्होंने कहा कि जो काम इतने सालों में नहीं हुआ, वह अब हुआ है. अब ग्राम पंचायतों के कार्यालय यानी ग्राम सचिवालय हैं. इनमें चार से छह कमरे होते हैं. यहां ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, बीसी सखी आदि बैठते हैं.

उन्होंने बताया कि इन कार्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम भी हैं.

योगी ने कहा कि NDA सरकार ने गांधी जी के सपनों को साकार किया है. गांव की बेटी बीसी सखी और रोजगार सेवक लोगों को जन्म, निवास और आय प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं. अब गांव में ही कई सुविधाएं मिल रही हैं.

उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भवन, फेयर प्राइस शॉप और वेयरहाउस से भी गांवों में रोजगार पैदा हुए हैं. सामुदायिक शौचालयों की देखरेख महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं करती हैं और उन्हें इसके लिए पैसा भी मिलता है.

कुछ गांवों में उत्सव भवन बन चुके हैं और कुछ में बन रहे हैं. यहां भी लोगों को रोजगार मिल सकता है. उन्होंने कहा कि हर गांव 5-7 रोजगार पैदा कर रहा है.

सीएम ने पिछले चार दिनों की तेज बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि अगर 65 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला होता तो वे सभी बेघर हो गए होते.

उन्होंने कहा कि सभी सावधानियां बरतने के बावजूद कुछ निर्दोष लोगों की जान चली गई. सपा मुखिया पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि जो कुछ कर नहीं पाए, वे आरोप लगाते हैं. जिनमें क्षमता नहीं थी, वे टिप्पणी करते हैं.

मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को नींव का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि आपकी स्थिति मजबूत होगी तो ग्राम पंचायतों की भूमिका भी प्रभावी होगी.

योगी ने कहा कि ग्राम पंचायत भी कमाई कर सकती है. “जो ग्राम पंचायत जितनी आय करेगी, सरकार उसे उतनी ही अतिरिक्त धनराशि देगी.”

सीएम ने कहा कि गंदगी और साफ पेयजल की कमी गांवों में बीमारी का कारण है. सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के जरिए गंदगी खत्म करने का काम किया है. हर घर नल योजना गांवों तक पहुंचेगी.

उन्होंने कहा कि गांवों में युवाओं को प्लंबर की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, ताकि अगर कोई टोटी चोरी करके ले जाए तो वे उसकी मरम्मत कर सकें.

योगी ने कहा, “कोई टोटी चोरी कर लेगा तो पानी बहता रहेगा, जिससे नुकसान गांव का ही होगा.”

उन्होंने कहा कि युवाओं के पास आइडिया, इनोवेशन और गांव को बेहतर बनाने का जज्बा होना चाहिए. विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब यूपी विकसित होगा. यूपी तब विकसित होगा, जब ग्राम पंचायत की इकाई विकसित और आत्मनिर्भर होगी.

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी इस सोच को पूरा करने के सारथी बनने जा रहे हैं.

इस कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरी का विज्ञापन निकलते ही उसके लोग सक्रिय हो जाते थे और पद के हिसाब से पैसे तय किए जाते थे.

उन्होंने कहा कि अब बिना भेदभाव और बिना लेनदेन सरकारी नौकरी मिल रही है.

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना घूसखोरी और भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरी मिली है. उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि बताया.

इस मौके पर महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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