पटना: बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों में विकास तेज करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब ग्रामीण कार्य विभाग निर्माण कार्यों के लिए योजनावार निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू करेगा.
यह फैसला 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर किया गया. इसमें मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष) और मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई.
सरकार का कहना है कि इस फैसले से दूर-दराज के गांवों को समय पर पक्की सड़क और पुल से जोड़ा जा सकेगा.
नए नियम के अनुसार, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत अब हर काम के लिए अलग-अलग योजना के हिसाब से टेंडर निकाले जाएंगे. सरकार का लक्ष्य है कि मोबाइल ऐप से किए गए सर्वे में जिन गांवों या टोलों की आबादी 100 या उससे ज्यादा है और अभी सड़क से नहीं जुड़े हैं, उन्हें जल्दी पक्की सड़क से जोड़ा जाए.
इससे गांवों में लोगों की पहुंच अस्पताल, स्कूल और बाजार तक आसान होगी और रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना में भी बदलाव किया गया है. पहले पुल निर्माण के काम प्रमंडल या अनुमंडल स्तर पर पैकेज बनाकर दिए जाते थे, जिससे देरी होती थी.
अब हर पुल के लिए अलग से टेंडर निकाला जाएगा, जिससे काम तेजी से और बेहतर तरीके से पूरा हो सकेगा.