नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने गोमती नदी को सीवेज प्रदूषण से मुक्त करने के लिए लखनऊ में व्यापक कार्ययोजना तैयार की है. नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत नदी में सीधे गिरने वाले नालों की टैपिंग, फ्लो डायवर्जन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है.
ड्रोन सर्वे में गोमती में गिरने वाले 45 नालों की पहचान हुई है. इनमें 12 नालों से करीब 75 MLD डिस्चार्ज टैप किया जा चुका है, जबकि 28 अनटैप्ड और आंशिक टैप्ड नालों से करीब 260 MLD सीवेज नदी में पहुंच रहा है.
लखनऊ की अनुमानित आबादी 45.56 लाख है और करीब 7.52 लाख घर हैं. इनमें सिर्फ 53.32 फीसदी घर सीवरेज नेटवर्क से जुड़े हैं. शहर में 10 STP की कुल क्षमता 629.5 MLD है, जबकि वास्तविक सीवेज डिस्चार्ज करीब 880.70 MLD है.
कार्ययोजना के तहत नालों को बसंतकुंज, वजीरगंज, जियामऊ और नीलमथा के प्रस्तावित STP से जोड़ने की योजना है. इसके अलावा भरवारा और दौलतगंज STP के अपग्रेडेशन, मॉड्यूलर STP और नेचर बेस्ड तकनीक के इस्तेमाल का भी प्रस्ताव है.
39 MLD STP का निर्माण नवंबर 2024 में पूरा हो चुका है. एक अन्य परियोजना अक्टूबर 2026 और 50 MLD लोनियापुरवा STP से जुड़ी परियोजना जून 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है. कार्ययोजना की रिपोर्ट 6 मई 2026 को NMCG को भेजी जा चुकी है.