भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के रवींद्र भवन में मध्य प्रदेश पुलिस में नई भर्ती और पदोन्नति के लिए आयोजित ‘आभार प्रदर्शन समारोह’ को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटे और पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बैज लगाए. कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने पदोन्नति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “मध्यप्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी, उनकी सेवा और समर्पण प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास का प्रतीक है. पुलिस की वर्दी पर आग, पानी और आंधी का कोई असर नहीं होता. इसे पहनकर आदमी शेर बन जाता है.”
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस देशभक्ति, जनसेवा, साहस और अपनी प्रतिबद्धता के बल पर देशभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है. मध्य प्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है. इसके लिए सभी पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं.
सीएम ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे अच्छे तरीके से पूरा किया है. चंबल क्षेत्र से दस्यु समस्या को खत्म किया गया और मध्य प्रदेश को देश का सबसे पहला नक्सलवाद मुक्त राज्य बनाया गया. उन्होंने कहा, “पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी.”
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं. उन्होंने कहा कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी. राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी. नई बटालियनों में अति पिछड़ी जातियों के साथ बैगा, भारिया और सहरिया वर्ग की कंपनियां शामिल होंगी.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस के जवान और अधिकारी अनुशासन के साथ अपने दायित्व पूरे कर जीवन को धन्य करते हैं. पुलिस की परंपरा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे कई नाम हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा कर रहे हैं. डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जो काम किए हैं, वह कोई और नहीं कर सकता.
उन्होंने कहा कि कभी जिस समस्या से भारत परेशान रहता था, अब उससे हमारे पड़ोसी देश परेशान हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लागू करते-करते लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो गए, इसका मलाल है.
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर आगे बढ़ रहे हैं. हमारे 30 रक्षित निरीक्षक से उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) बने हैं.