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Monday, 8 June, 2026
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नव भारत साक्षरता अभियान से यूपी में 11.68 लाख से अधिक लोग हुए साक्षर

चार वर्षों में 13.81 लाख लोगों ने दी साक्षरता परीक्षा, 2026-27 में अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी.

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और निरक्षरता मुक्त प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. इसी कड़ी में संचालित नव भारत साक्षरता अभियान लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है.

15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक प्रदेश में 11.68 लाख से अधिक लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है. यह अभियान शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता, जागरूकता और सामाजिक सशक्तीकरण को नई मजबूती दे रहा है.

केंद्र सरकार प्रायोजित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर नागरिकों की पहचान कर उन्हें वालंटियर्स और प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स की मदद से साक्षर बनाया जा रहा है. कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थियों को पढ़ना, लिखना और गणना करना सिखाने के साथ-साथ दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी जानकारी भी दी जा रही है, जिससे वे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में बेहतर भागीदारी कर सकें.

सरकार का मानना है कि लाखों लोगों को साक्षर बनाकर न केवल निरक्षरता के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिल रही है, बल्कि आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण को भी बल मिल रहा है.

अभियान के तहत चयनित वालंटियर्स को प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके बाद वालंटियर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से साक्षरता कक्षाओं का संचालन करते हैं. प्रदेशभर में चल रही ये कक्षाएं हजारों लोगों के जीवन में नया आत्मविश्वास पैदा कर रही हैं.

सरकार का उद्देश्य केवल अक्षर ज्ञान देना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी है.

नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अब तक प्रदेश में सात साक्षरता मूल्यांकन परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं. इन परीक्षाओं में कुल 13,81,530 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 11,68,292 प्रतिभागी सफल घोषित हुए.

वर्ष 2022-23 में आयोजित परीक्षा में 1.46 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था, जबकि वर्ष 2025-26 में आयोजित नवीनतम परीक्षा में 4.01 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. ये आंकड़े अभियान की बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं.

योगी सरकार वर्ष 2026-27 में इस अभियान को और अधिक व्यापक और परिणामोन्मुख बनाने की तैयारी कर चुकी है. भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी जिलों को 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें साक्षर बनाने का लक्ष्य दिया गया है.

इसके तहत चिह्नित लोगों को वालंटियर्स से जोड़ा जाएगा, जिन्हें प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके बाद वालंटियर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से साक्षरता कक्षाओं का संचालन करेंगे.

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