नई दिल्ली: प्रदेश की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों को इसके लिए अधिकृत किया गया है.
सरकारी आदेश के अनुसार 27 मई 2026 से निवर्तमान प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे. नई ग्राम पंचायतों के गठन अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक वही पंचायतों के सामान्य प्रशासनिक कार्य संभालेंगे. हालांकि उन्हें केवल रूटीन और सामान्य कार्यों की अनुमति होगी. कोई भी नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं होगा.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में किसी नीतिगत फैसले की आवश्यकता होने पर प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा. डीएम की स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्णय लागू किया जा सकेगा.