देहरादून: राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (NIC) की उत्तराखंड राज्य इकाई ने मंगलवार को देहरादून के होटल सैफ्रन लीफ में ‘जन परिचय – पहचान एक, सेवाएं अनेक’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की.
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के अधिकारियों को राष्ट्रीय सिंगल साइन ऑन (SSO) प्लेटफॉर्म ‘मेरी पहचान’ की कार्यप्रणाली, सुविधाओं और उपयोग के बारे में जानकारी देना था.
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. NIC उत्तराखंड के राज्य सूचना-विज्ञान अधिकारी और उप महानिदेशक अरविंद कुमार दधीचि ने स्वागत भाषण दिया. उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों और राज्य की अलग-अलग नागरिक सेवाओं में ‘जन परिचय’ लागू करने से होने वाले फायदों के बारे में बताया.
उन्होंने कहा कि ‘मेरी पहचान’ एक राष्ट्रीय सिंगल साइन ऑन प्लेटफॉर्म है. इसके जरिए नागरिक एक ही यूजर क्रेडेंशियल से देशभर में कई सरकारी और निजी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं.
दधीचि ने बताया कि ‘मेरी पहचान’ की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में की थी. इसके बाद से करीब 3,000 से ज्यादा परियोजनाएं इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं. रोजाना 55 लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन होते हैं और 2 करोड़ से ज्यादा यूजर इससे लाभ ले रहे हैं.
इसके बाद NIC मुख्यालय, नई दिल्ली के वैज्ञानिक-जी और उप महानिदेशक वी.टी.वी. रमण ने उद्घाटन संबोधन दिया. उन्होंने सिंगल साइन ऑन सरकारी प्लेटफॉर्म को नागरिक सेवाओं के लिए सुरक्षित बताया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के IT सचिव और IAS अधिकारी डॉ. पंकज कुमार पांडे थे. उन्होंने नागरिकों तक सेवाओं की तेज डिलीवरी और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में ‘जन परिचय’ जैसी पहलों के महत्व पर बात की. उन्होंने राज्य के सभी विभागों से इस प्लेटफॉर्म को जल्द अपनाने की अपील की.
इसके बाद संयुक्त निदेशक (IT) अमित कुमार ने ‘जन परिचय की मूल्य-वर्धित सेवाओं’ के बारे में जानकारी दी.
इंडस्ट्री एक्सपर्ट वैभव पाठक ने साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र लिया. उन्होंने डिजिटल प्रमाणीकरण प्रणालियों में सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया.
कार्यशाला के अंतिम तकनीकी सत्र में संयुक्त निदेशक (IT) कुंदन कुमार ने ‘जन परिचय’ के फीचर डेमोंस्ट्रेशन और माइग्रेशन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया.
कार्यशाला के समापन पर NIC उत्तराखंड के उप महानिदेशक संजय गुप्ता ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया.
कार्यशाला में राज्य के अलग-अलग विभागों के 100 से ज्यादा अधिकारियों ने हिस्सा लिया. NIC उत्तराखंड राज्य इकाई के अधिकारी और राज्य के अलग-अलग जिलों से आए जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी (DIO) भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.