भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने करीब 2,480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी.
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में आईटी पार्क योजना को 2031 तक जारी रखने, ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, कर्मचारी कल्याण और पेंशन योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, सिंचाई परियोजनाओं और किसानों के बोनस भुगतान जैसी योजनाओं को मंजूरी शामिल है.
प्रदेश में आईटी पार्क योजना के लिए 595 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इससे 8,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा. वहीं, आईआईएसईआर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समेत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
कैबिनेट ने कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजनाओं के लिए 982 करोड़ रुपये मंजूर किए. वहीं, मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए 198 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई.
खेल के क्षेत्र में, अक्टूबर 2026 में भोपाल में होने वाली महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के लिए 18.74 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई.
कृषि क्षेत्र में सिंगरौली की रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 111 करोड़ रुपये और मंदसौर की मल्हारगढ़ सिंचाई परियोजना के लिए 184 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. साथ ही, समर्थन मूल्य पर किसानों को बोनस भुगतान योजना को भी आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई.
इसके अलावा, ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय का नया कार्यालय, नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित 9 नए पद, प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन तथा विधिक माप विज्ञान नियमों में संशोधन जैसे प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई.