नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने की संस्तुति की गई है. वहीं तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति यानी मेजर पनिशमेंट अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संस्तुति भेजी जा रही है.
इसके अलावा तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश दिए गए हैं. उल्लेखनीय है कि मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया था. प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था. विशेष जांच और ऑडिट के बाद यह कार्रवाई की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि हैं तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.