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Monday, 15 June, 2026
होमरिपोर्टडबल इंजन सरकार के सहारे विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा मध्यप्रदेश

डबल इंजन सरकार के सहारे विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा मध्यप्रदेश

मोदी सरकार की योजनाओं और मोहन यादव सरकार के क्रियान्वयन से निवेश, कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है प्रदेश.

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भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों का असर अब प्रदेश के विकास के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है. भाजपा इसे “डबल इंजन सरकार” का परिणाम बताते हुए दावा कर रही है कि मध्यप्रदेश आर्थिक विकास, निवेश, कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुशासन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है.

प्रदेश सरकार का कहना है कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के साथ केंद्र और राज्य की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे मध्यप्रदेश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और विभिन्न क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों का आयोजन किया है. सरकार के अनुसार, इन आयोजनों के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर, अटल प्रगति एक्सप्रेस-वे, नर्मदा एक्सप्रेस-वे और इंदौर-पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र जैसे प्रोजेक्ट निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं. राज्य में 500 वर्ग किलोमीटर से अधिक का औद्योगिक भूमि बैंक भी उपलब्ध कराया गया है.

सरकार के मुताबिक, प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वृद्धि दर हाल के वर्षों में 9 से 11 प्रतिशत के बीच रही है और वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 18.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.

केंद्र सरकार की जन-धन योजना के तहत मध्यप्रदेश में 4.69 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं. वहीं उज्ज्वला योजना के तहत 89 लाख से अधिक परिवारों को गैस कनेक्शन मिले हैं. जल जीवन मिशन के माध्यम से 1.11 करोड़ से अधिक परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का दावा किया गया है.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि योजना के जरिए भी लाखों लोगों को आर्थिक सहायता मिली है. सरकार के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुद्रा योजना के तहत 32.41 लाख लाभार्थियों को ऋण दिया गया, जबकि पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 15.87 लाख प्रकरणों में 2,679 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया गया.

कृषि क्षेत्र में पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिला है. सरकार का दावा है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि यंत्रीकरण और फसल बीमा योजनाओं के कारण कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हुई है.

शहरी विकास के क्षेत्र में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर को आधुनिक शहरी प्रबंधन और स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. वहीं पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं.

स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की पहलों के तहत चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया गया है. उज्जैन में मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज परियोजना शुरू की गई है. प्रदेश में MBBS की 5,500 और स्नातकोत्तर की 2,862 सीटों की वृद्धि की गई है. मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में नए अस्पतालों को मंजूरी दी गई है.

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, महिला स्वावलंबन मिशन और स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देने की योजनाएं लागू की जा रही हैं. सरकार के अनुसार, लाड़ली बहना योजना के तहत मासिक सहायता राशि 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई है. साथ ही सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया है. पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा और धार्मिक पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरों और धार्मिक स्थलों को जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है.

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