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Tuesday, 14 July, 2026
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मध्य प्रदेश: 18 जुलाई को कैबिनेट से पास होगा UCC ड्राफ्ट, मानसून सत्र में आएगा बिल

समिति ने 404 धाराओं वाला ड्राफ्ट तैयार किया, अनुसूचित जनजातियों को UCC के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश.

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भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार अगले हफ्ते शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट बिल पेश करेगी. इसके पहले 18 जुलाई को भोपाल के जगदीशपुर में होने वाली विशेष कैबिनेट बैठक में ड्राफ्ट को मंजूरी दी जाएगी. इसकी जानकारी मंगलवार को कैबिनेट मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद दी.

कश्यप ने बताया कि UCC पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है. रिपोर्ट तैयार करने से पहले पूरे प्रदेश में संबंधित पक्षों से राय ली गई और दूसरे राज्यों के कानूनों व उनके लागू होने के अनुभवों का भी अध्ययन किया गया. मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द UCC विधेयक विधानसभा में पेश कर इसे लागू किया जाए.

मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 से 24 जुलाई तक चलेगा.

सरकार के अनुसार, समिति की रिपोर्ट तीन खंडों में तैयार की गई है. पहले खंड में 10 अध्यायों के साथ समिति की सिफारिशें दी गई हैं. दूसरे खंड में 404 धाराओं और 7 अनुसूचियों वाला UCC का ड्राफ्ट विधेयक शामिल है, जिसे मध्य प्रदेश के मौजूदा कानूनों और नियमों के आधार पर तैयार किया गया है.

तीसरे खंड में जन-परामर्श रिपोर्ट है. इसमें जिला और राज्य स्तर के साथ-साथ वेबसाइट के जरिए मिले 9.58 लाख से अधिक सुझावों का प्रश्नवार, लिंगवार और समुदायवार विश्लेषण शामिल है.

समिति ने अनुसूचित जनजातियों को प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश की है.

समिति को विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का अध्ययन कर मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप UCC का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी.

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