लखनऊ: राजधानी लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए शहीद पथ पर करीब 23 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुरोध पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक बनने वाले इस कॉरिडोर की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए हैं. गडकरी ने कहा कि दिसंबर तक परियोजना का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा.
सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.
राजनाथ सिंह ने कहा कि शहीद पथ अब लखनऊ की लाइफलाइन बन चुका है. लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इसके ऊपर एलिवेटेड रोड बनाना जरूरी है, जिससे लोगों को जाम से राहत मिलेगी. उन्होंने भविष्य में इसी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाने का भी सुझाव दिया.
नितिन गडकरी ने कहा कि प्रस्तावित तीन-लेयर एलिवेटेड फ्लाईओवर दुनिया के आकर्षण का केंद्र बनेगा. इसमें आधुनिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 50 से 60 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और अगले दो वर्षों में करीब 5 लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे करने का लक्ष्य है.
उन्होंने बताया कि लखनऊ-सीतापुर सिक्स लेन हाईवे, किसान पथ पर सर्विस रोड, अयोध्या-गोंडा बाईपास, आनंदनगर-महराजगंज बाईपास, पडरौना-तमकुही बाईपास और दादरी-लालकुआं छह लेन एलिवेटेड रोड जैसी कई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है.
इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है. वहीं, नितिन गडकरी ने कहा कि योगी सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत कर लोगों का भरोसा जीता है और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं.