नई दिल्ली: योगी सरकार के पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है. अप्रैल 2017 से अब तक प्रदेश में 17,841 नए कारखाने पंजीकृत हुए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 32,019 हो गई है. यह उपलब्धि इसलिए अहम है क्योंकि 1947 से 2017 तक करीब 70 वर्षों में केवल 14,178 कारखाने ही पंजीकृत हुए थे.
प्रमुख सचिव श्रम एवं रोजगार डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम के अनुसार, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन क्लीयरेंस और बेहतर कानून-व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
नए कारखानों में 16.5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 10,895 इकाइयां स्थापित हुई हैं.
सरकार के अनुसार, एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब जैसे प्रोजेक्ट्स ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया है. इससे प्रदेश तेजी से औद्योगिक राज्य के रूप में उभर रहा है.
