नई दिल्ली: मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. सरकार ने अब 50 प्रतिशत तक खराब चमक वाला गेहूं भी खरीदने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही पानी की कमी से प्रभावित फसलों में कम विकसित दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है. सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य अन्नदाता की आय और सुरक्षा को मजबूत करना है.
राज्य सरकार ने किसानों की भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा चार गुना तक बढ़ाने का निर्णय भी लिया है. उड़द और तिलहन फसलों के लिए समर्थन मूल्य के साथ 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है. सरसों के लिए भावांतर योजना लागू कर किसानों को बेहतर दाम दिलाने का दावा किया गया है.
सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है और पांच रुपये में कृषि पंप कनेक्शन देने की योजना शुरू की है. सोलर पंप और दिन में बिजली उपलब्ध कराने की पहल भी की जा रही है. यूरिया और खाद की पर्याप्त उपलब्धता के साथ बिना लाइन लगाए वितरण व्यवस्था लागू की गई है.
डेयरी क्षेत्र में 1752 नई समितियों के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है.