नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के साथ उनके सम्मान को बढ़ाने की दिशा में नई पहल शुरू की है. इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 5 मई को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के साथ प्रदेश के सभी जिलों में समानांतर आयोजन किए जाएंगे.
सरकार के फैसले के तहत परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों को ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है. यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है. इसमें बेसिक शिक्षा के 13,597 और समग्र शिक्षा के 1,29,332 शिक्षामित्र शामिल हैं.
सरकार का कहना है कि इस कदम से शिक्षामित्रों का आर्थिक सशक्तीकरण हुआ है और उनके मनोबल में बढ़ोतरी होगी. मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों से संवाद भी करेंगे.
राज्य सरकार के अनुसार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. यह पहल न केवल शिक्षामित्रों को सम्मान देगी, बल्कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाने में मददगार साबित होगी.