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Thursday, 16 July, 2026
होमरिपोर्टसत्ता को अधिकार नहीं, जिम्मेदारी माना; राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया: सीएम धामी

सत्ता को अधिकार नहीं, जिम्मेदारी माना; राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया: सीएम धामी

सीएम धामी ने लोगों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की प्रकृति संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जीवन की रक्षा करना समय की जरूरत है तथा पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है.

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अल्मोड़ा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ अभियान के तहत आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ जनसंपर्क कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने हरेला पर्व के अवसर पर गरुड़ाबाज मैदान परिसर में पौधरोपण भी किया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता को अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी माना है. उन्होंने कहा, “हमने राजनीति को सेवा और संकल्प का माध्यम बनाया है. इसी सोच के साथ पूरे प्रदेश में सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है. हमारा लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. इसलिए सरकार लोगों के द्वार तक पहुंच रही है. हम सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मंत्र पर काम कर रहे हैं.”

इससे पहले मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हरेला का पर्व प्राचीन समय से प्रकृति के सम्मान और संरक्षण के प्रतीक के रूप में मनाया जाता रहा है.

सीएम धामी ने लोगों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों की प्रकृति संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जीवन की रक्षा करना समय की जरूरत है तथा पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.

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