गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन एक विरासत को आगे बढ़ाने की कड़ी है.
उन्होंने कहा, “कल हमने महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन को याद किया. आज हम श्रद्धेय महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि मना रहे हैं. यह वास्तव में उसी विरासत को आगे बढ़ाने की कड़ी है.”
महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवैद्यनाथ के योगदान को याद करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए ‘प्रचंड हिंदुत्व’ की गति को आगे बढ़ाने की बात कही. वहीं महंत अवैद्यनाथ जी महाराज ने इस काम को आगे बढ़ाया. उन्होंने बिखरी हुई हिंदू शक्ति को फिर से एकजुट करने और सामाजिक समरसता का माहौल बनाने के लिए लगातार काम किया. इसके लिए सह-भोज का आयोजन भी इस अभियान का हिस्सा था.”
महंत अवैद्यनाथ को सामाजिक समरसता के लिए किए गए काम और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक के तौर पर याद किया जाता है. उन्हें एक ऐसे संत के रूप में माना जाता है, जिनमें देशभर के सनातनियों की गहरी आस्था थी.
महंत अवैद्यनाथ ने नाथपंथ की जनसेवा की परंपरा को धर्म और राजनीति से जोड़ते हुए मणिराम विधानसभा सीट से पांच बार और गोरखपुर लोकसभा सीट से चार बार चुनाव जीता था. राम मंदिर आंदोलन को निर्णायक दिशा देने के लिए इस राष्ट्रवादी संत को लंबे समय तक याद किया जाएगा.
महंत अवैद्यनाथ का जन्म 18 मई 1919 को उत्तराखंड के गढ़वाल के कांडी गांव में हुआ था. बचपन से ही उनका झुकाव धर्म और आध्यात्म की ओर था. गोरक्षपीठ के विश्व प्रसिद्ध महंत दिग्विजयनाथ के मार्गदर्शन में उनकी यह रुचि आगे बढ़ी.