भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को जयपुर में आयोजित ‘मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर’ विषय पर एक इंटरएक्टिव सेशन में उद्योगपतियों से बातचीत करेंगे. यह कार्यक्रम राज्य में निवेश आकर्षित करने की सरकार की लगातार कोशिशों का हिस्सा है.
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह आयोजन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे देशव्यापी निवेश संपर्क अभियान के तहत किया जा रहा है. इसका मकसद मध्य प्रदेश को एक भरोसेमंद और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में पेश करना है.
इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव राज्य की औद्योगिक नीतियों, बुनियादी ढांचे और अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद निवेश अवसरों को सामने रखेंगे. साथ ही वे निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित करेंगे.
कार्यक्रम में टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, फूड प्रोसेसिंग, कृषि, डेयरी, रिन्यूएबल एनर्जी, माइनिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों से जुड़े उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है.
विज्ञप्ति के मुताबिक, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ सीधा संवाद होगा. इसके अलावा चुने गए निवेशकों के साथ वन-ऑन-वन बैठकें भी होंगी, जिनमें परियोजना स्तर पर सहयोग और तय समय में क्रियान्वयन पर फोकस रहेगा.
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जयपुर और राजस्थान के आसपास के क्षेत्रों के उद्योगपतियों व निवेशकों को मध्य प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों, उन्नत बुनियादी ढांचे, प्रगतिशील नीतियों और आकर्षक प्रोत्साहन योजनाओं की प्रत्यक्ष और तथ्यात्मक जानकारी देना है, ताकि वे राज्य में निवेश के लिए आगे आएं.
विज्ञप्ति में कहा गया है कि मध्य प्रदेश सरकार अपनी नीतियों में निरंतरता और स्पष्टता पर जोर दे रही है. पिछले साल को ‘उद्योग और निवेश प्रोत्साहन वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया था, जिसके तहत औद्योगिक आधार को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया. वहीं, वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किया गया है. इसका उद्देश्य कृषि, एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है.
इससे पहले 26 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजस्थान के भीलवाड़ा में टेक्सटाइल सेक्टर पर आयोजित एक इंटरएक्टिव सेशन के दौरान धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क में निवेश का न्योता दिया था. जयपुर का यह कार्यक्रम उसी कड़ी में दूसरा बड़ा आयोजन माना जा रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश की औद्योगिक ताकत और निवेश क्षमता को दिखाया जाएगा.
राज्य सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को सामने लाना, घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करना, उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देना और रोजगार, कौशल विकास तथा क्षेत्रीय समृद्धि के नए अवसर पैदा करना है.
