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Wednesday, 30 September, 2026
होमरिपोर्टमुख्य सचिव ने 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा की, योजनाओं के जमीनी असर का आंकलन करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा की, योजनाओं के जमीनी असर का आंकलन करने के निर्देश

उत्तराखंड के सभी STP की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए बनेगा मैकेनिज्म, DM हर महीने 25 बिंदु कार्यक्रम की समीक्षा करेंगे.

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देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति के साथ उनके जमीनी असर और आम लोगों को मिल रहे लाभ का भी आंकलन करने के निर्देश दिए.

मुख्य सचिव ने कहा कि पिरूल कलेक्शन से अब तक लाभार्थियों को कितनी मॉनेटाइजेशन हुई है और कितने लोगों को इसका लाभ मिला है, इसका पूरा आंकड़ा तैयार किया जाए. साथ ही, इससे लोगों की आय में कितना इजाफा हुआ है, इसका भी आंकलन किया जाए.

उन्होंने कहा कि किसी योजना की सफलता केवल उसके तहत किए गए काम से नहीं, बल्कि उससे लोगों को मिल रहे वास्तविक लाभ से तय होनी चाहिए. उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सेग्रिगेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि कचरे के संग्रहण से लेकर उसके पृथक्करण और निस्तारण तक पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए.

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और सचिव पेयजल को STP से जुड़े कामों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता के अनुसार उनका पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी STP की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए प्रभावी और केंद्रीकृत व्यवस्था तैयार की जाए. इससे STP के संचालन और तय मानकों के पालन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी.

मुख्य सचिव ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बड़े कमर्शियल संस्थानों और ग्रुप हाउसिंग में उनके खुद के STP की व्यवस्था को गंभीरता से लागू कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और मानकों की नियमित जांच की जाए.

उन्होंने अतिक्रमण हटाने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि अतिक्रमण हटाने के बाद इन क्षेत्रों में दोबारा अतिक्रमण न हो. इसके लिए जिलास्तर पर नियमित निगरानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए.

उन्होंने जिलों में पार्किंग विकसित करने से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान लंबित योजनाओं में तेजी लाने और आ रही बाधाओं का समयबद्ध समाधान करने को कहा.

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि 25 पॉइंट कार्यक्रम की नियमित और मासिक समीक्षा सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि समीक्षा में केवल आंकड़ों की प्रगति देखने के बजाय योजनाओं की जमीनी स्थिति, लाभार्थियों को मिल रहे लाभ और सामने आ रही समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाए.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है, वहां कारणों की पहचान कर समयबद्ध तरीके से सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डेय, संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

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