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Monday, 21 September, 2026
होमरिपोर्टबिहार CM सम्राट चौधरी ने पटना में ग्राम संसद बिहार चैप्टर कार्यक्रम में हिस्सा लिया

बिहार CM सम्राट चौधरी ने पटना में ग्राम संसद बिहार चैप्टर कार्यक्रम में हिस्सा लिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव स्तर की संस्थाओं से ही नीतियों और प्रशासन को लेकर सुझाव आने चाहिए, स्थानीय नेताओं की भूमिका अहम.

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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर के नेताओं के पास देश की प्रशासनिक व्यवस्था में असली अधिकार हैं. उन्होंने 2037 तक ‘विकसित बिहार’ बनाने का रोडमैप भी बताया. 2037 में बिहार के गठन के 125 साल पूरे होंगे.

पटना में ग्राम संसद बिहार चैप्टर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि देश के विकास के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जन नीतियों और प्रशासन की रणनीतियों को लेकर सुझाव गांव स्तर की संस्थाओं से आने चाहिए.

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि सुझाव ग्राम संसद के जरिए भी आने चाहिए. हमें इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को आगे बढ़ाने में ग्राम संसद कैसे मदद कर सकती है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का सपना देखा था और 2037 राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा. हमें यह भी सोचना होगा कि इस अवधि में हम बिहार को समृद्ध कैसे बना सकते हैं.”

भारत की तीन स्तर वाली लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकत पर जोर देते हुए चौधरी ने राजनीतिक व्यवस्था को लेकर आम धारणा पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि गांव के स्थानीय प्रमुखों पर सबसे ज्यादा कार्यकारी जिम्मेदारियां होती हैं और समुदाय के कल्याण पर उनका सीधा प्रभाव होता है.

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र तीन स्तरों में बंटा हुआ है. लोग अक्सर कहते हैं कि इस देश में तीन स्तरों पर शक्तियां हैं- प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी. लेकिन मेरा मानना है कि इस देश में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति ‘मुखिया’ है, जिसके पास असली अधिकार है. उनके पास सबसे ज्यादा शक्ति होती है और वे सबसे ज्यादा काम संभालते हैं.”

मुख्यमंत्री ने स्थानीय राजनीति के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर चुनाव लड़ने में बड़े विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तुलना में अलग तरह की स्थानीय चुनौतियां होती हैं.

सम्राट चौधरी ने कहा, “विधायक या सांसद का चुनाव लड़ना शायद आसान हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे आप जमीनी स्तर पर नीचे जाते हैं, ‘मुखिया’ बनने का चुनाव और मुश्किल होता जाता है.”

रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर के अंदर स्थित बापू सभागार में ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ विचार-मंथन सत्र और ‘लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह’ का उद्घाटन किया. उन्होंने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की. इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया. इसका आयोजन प्रोग्रेसिव इंटेलेक्चुअल्स एसोसिएशन, बिहार ने किया था.

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि लव-कुश समुदाय की एकता की नींव 1994 में रखी गई थी और आज भी यह एकता कायम है. उन्होंने कहा कि लव-कुश समुदाय किसी के खिलाफ नहीं है. बल्कि यह न्याय के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए बिहार की समृद्धि और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाना चाहता है.

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