नई दिल्ली: बिहार के जमुई में 15 साल के दो नाबालिगों–एक लड़का और एक लड़की के साथ मारपीट में कथित तौर पर शामिल तीन लोगों को सोमवार को पकड़ लिया गया, घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर होने के कुछ घंटों बाद.
मुंगेर रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस राकेश कुमार ने दप्रिंट को बताया, सभी आरोपी भी नाबालिग हैं, जिनकी पहचान वीडियो से हुई, जिसमें कम से कम छह से सात लोग क्लास 10 के स्टूडेंट्स को परेशान करते दिख रहे हैं. पकड़े गए तीनों लोग जमुई जिले के हैं, जहां यह घटना शनिवार शाम को हुई थी.
वीडियो में, लड़का लड़की को पीछे बैठाकर टू-व्हीलर चलाता दिख रहा है. कुछ आदमियों का ग्रुप उन्हें हल्की रोशनी वाली सड़क के किनारे घेर लेता है और उनसे पूछता है कि क्या वे क्लासमेट हैं और क्या उनके घरवालों को उनके बारे में पता है. फिर उनमें से एक आदमी लड़के को थप्पड़ मारता है और दोनों से अपने घरवालों को फोन करने के लिए कहता है “अगर उन्हें पता है, तो उन्हें फोन मिलाओ.”
दूसरे वीडियो में, कई आदमी नाबालिगों का पीछा करते दिख रहे हैं. एक आदमी लड़की के प्राइवेट पार्ट्स के पास हाथ रखकर उसे उठाता है, जबकि लड़का उसे खींचने की कोशिश करता है. लड़के को उसका कॉलर पकड़कर घसीटते हुए भी देखा जा सकता है.
पुलिस ने वीडियो की जांच की और पता चला कि यह घटना शनिवार शाम करीब 7 बजे जमुई सिटी पुलिस स्टेशन के एरिया में हुई थी. जमुई के पुलिस सुपरिटेंडेंट (SP) विश्वजीत दयाल ने कहा कि नाबालिग अपनी कोचिंग क्लास खत्म होने के बाद तस्वीरें लेने के लिए मौके पर गए थे.
दयाल ने दिप्रिंट को बताया कि नाबालिगों द्वारा इस्तेमाल किए गए टू-व्हीलर से उनकी पहचान करने में अहम सुराग मिला. इसके बाद जमुई ज़िला पुलिस ने BNS सेक्शन 74 (महिला की शील भंग करने के इरादे से हमला या क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल), 76 (महिला के कपड़े उतारने या उसे नंगा होने के लिए मजबूर करने के इरादे से हमला या क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल) और 3(5) (कॉमन इंटेंशन) के साथ-साथ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के प्रोविज़न के तहत एफआईआर दर्ज की. तीन आरोपियों के पकड़े जाने से कुछ घंटे पहले सोमवार को अनजान लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
एसपी ने कहा, “दूसरे आरोपियों की पहचान की जा रही है.”
वीडियो से सोशल मीडिया पर बहुत गुस्सा फैल गया, कई लोगों ने इस घटना को मोरल पुलिसिंग और एंटी-सोशल एलिमेंट्स द्वारा टीनएजर्स पर हमला बताया.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना पेट्रियार्की का एक उदाहरण है.
The video from Jamui, Bihar is deeply disturbing.
Two Class 10 students were stopped on a road. Harassed. Humiliated. Molested. A young girl, hands folded, begged to be let go while goons groped her and dragged her away.
Who gave these men the right to behave like this? This is…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 21, 2026
गांधी ने एक्स पर लिखा, “इन आदमियों को इस तरह बर्ताव करने का हक किसने दिया? यह “कल्चर” नहीं है. यह पेट्रियार्की है: यह मानना कि कोई भी आदमी किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने, उसकी पसंद पर पुलिसिंग कर सकता है. जब कंट्रोल को कल्चर समझ लिया जाता है, और जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर ‘अंधभक्त’ ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है.”
उन्होंने तुरंत एक्शन लेने की मांग की और लिखा कि “बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?”.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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