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Friday, 12 June, 2026
होमरिपोर्टनक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ता बस्तर, आय दोगुनी करने से लेकर डेयरी और पर्यटन पर फोकस: सीएम साय

नक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ता बस्तर, आय दोगुनी करने से लेकर डेयरी और पर्यटन पर फोकस: सीएम साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने, डेयरी विकास, सिंचाई विस्तार, पर्यटन को बढ़ावा देने और एआई व सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की योजनाओं की जानकारी दी.

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नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के विकास का विस्तृत रोडमैप पेश किया. उन्होंने कहा कि बस्तर को आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनाया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने, डेयरी विकास, सिंचाई विस्तार, पर्यटन को बढ़ावा देने और एआई व सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की योजनाओं की जानकारी दी.

साय ने कहा कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के प्रत्येक परिवार की मासिक आय 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. वर्तमान में क्षेत्र के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है. सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज और छोटे उद्योगों के जरिए ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में डेयरी मॉडल को तेजी से लागू किया जा रहा है. इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गांवों में स्थायी आय के स्रोत विकसित होंगे और महिलाओं व युवाओं को रोजगार मिलेगा.

उन्होंने कहा कि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं. इनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. इससे किसानों को धान के अलावा सब्जियां, फल और अन्य नकदी फसलें उगाने का अवसर मिलेगा.

स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए साय ने कहा कि बस्तर के लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है. इससे मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में स्थापित लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र और राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा.

पर्यटन क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि चित्रकोट और सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पर्यटन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

साय ने कहा कि राज्य सरकार निवेश और तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा दे रही है. राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है. इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से शिक्षा को मजबूत किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है. वहीं, डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के जरिए सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और आसान बनाया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन के जरिए युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक राज्य से 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा.

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