भोपाल: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल में फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. यह प्लांट भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के परिसर में बनाया गया है. इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश में दूध की प्रोसेसिंग बढ़ाना और दूध से बने अलग-अलग वैल्यू-एडेड उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना है.
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह प्लांट कुल 16.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. इसमें केंद्र सरकार ने 6 करोड़ रुपये की मदद दी है, जबकि 10.80 करोड़ रुपये भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने लगाए हैं.
इस प्लांट में रोज 40 हजार लीटर दूध प्रोसेस किया जा सकेगा.
प्लांट में आधुनिक मशीनों और तकनीक की मदद से दूध से बने कई उत्पाद तैयार किए जाएंगे. प्रोजेक्ट की जानकारी के मुताबिक, यहां रोज 10 हजार लीटर दूध, 10 हजार लीटर दही और 30 हजार लीटर छाछ प्रोसेस करने की क्षमता होगी.
इसके अलावा प्लांट में रोज 1,000 लीटर लस्सी, 800 किलो श्रीखंड और 1,000 किलो मावा बनाने की क्षमता भी होगी.
इस प्लांट के जरिए दूध से बनने वाले अलग-अलग उत्पादों को आधुनिक और व्यवस्थित प्रोसेसिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इससे सांची के वैल्यू-एडेड दूध उत्पादों की उत्पादन क्षमता और उनकी वैरायटी बढ़ाने में मदद मिलेगी.
भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के मैनेजिंग डायरेक्टर जयदेव बिस्वास ने कहा कि फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट डेयरी प्रोसेसिंग को आधुनिक बनाने और दूध से ज्यादा वैल्यू वाले उत्पाद तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
उन्होंने कहा, “फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट भोपाल मिल्क यूनियन के लिए आधुनिक डेयरी प्रोसेसिंग और वैल्यू बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. यह प्लांट दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा समेत कई वैल्यू-एडेड उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देगा. भारत सरकार के सहयोग और भोपाल मिल्क यूनियन के योगदान से तैयार यह प्रोजेक्ट सहकारी डेयरी सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.”
नई सुविधा भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के मौजूदा दूध प्रोसेसिंग सिस्टम को और मजबूत करेगी. इससे वैल्यू-एडेड उत्पाद बनाने की अतिरिक्त क्षमता मिलेगी.
इस प्लांट से डेयरी उत्पादों की वैरायटी बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है. बाजार की मांग के हिसाब से उत्पादन किया जा सकेगा. साथ ही सांची ब्रांड के तहत दूध और दूध से बने उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी.