scorecardresearch
Thursday, 21 May, 2026
होमराजनीतिविजय ने 23 मंत्रियों के साथ कैबिनेट का विस्तार किया, कांग्रेस को तमिलनाडु में छह दशक बाद एंट्री मिली

विजय ने 23 मंत्रियों के साथ कैबिनेट का विस्तार किया, कांग्रेस को तमिलनाडु में छह दशक बाद एंट्री मिली

सरकार अगले चरण में VCK और IUML को एक-एक सीट देगी। AIADMK के बागी विधायकों के लिए कोई जगह नहीं होगी.

Text Size:

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और 23 नए मंत्रियों को शामिल किया. इससे उनकी गठबंधन सरकार को मजबूती मिली. यह कई दशकों बाद तमिलनाडु में बिना किसी द्रविड़ पार्टी के बनी पहली सरकार है.

राज्यपाल राजेंद्र अरलेकर ने चेन्नई में मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई. इसके साथ मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 33 हो गई.

नए शामिल किए गए 23 मंत्रियों में से 21 सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) से हैं और दो — किलीयूर के एस. राजेश कुमार और मेलूर के पी. विश्वनाथन — कांग्रेस से हैं. इन दो पदों के साथ लगभग 60 साल बाद तमिलनाडु में कांग्रेस की सरकार में वापसी हुई है.

तमिलनाडु में आखिरी बार कांग्रेस 1967 में सत्ता में थी.

अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व में TVK तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. उसके 108 विधायक जीते थे. अप्रैल में हुए चुनाव के बाद इस महीने परिणाम आने पर कांग्रेस और वामपंथी दलों ने TVK को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया. ये दल चुनाव से पहले DMK के साथ गठबंधन में थे.

विस्तारित मंत्रिमंडल में सात दलित मंत्री हैं. इनमें TVK के छह मंत्री — राजमोहन (एग्मोर), लोगेश (रासीपुरम), मथन कुमार (ओट्टापिडारम), कमाली (अविनाशी), गांधीराज (अरक्कोनम) और थेन्नारासु (श्रीपेरंबुदूर) — और एक कांग्रेस से हैं.

नई कैबिनेट में ब्राह्मण समुदाय से दूसरे मंत्री को भी शामिल किया गया है. श्रीरंगम के एस. रमेश पहले से मंत्री रहे खाद्य मंत्री पी. वेंकटरमणन के साथ शामिल हुए हैं.

TVK सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि सरकार ने विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के लिए एक-एक मंत्री पद सुरक्षित रखा है. दोनों दल अगले चरण में सरकार में शामिल हो सकते हैं. VCK ने पहले ही अपनी इच्छा पत्र भेजकर बता दी है. IUML के गुरुवार दोपहर तक फैसला घोषित करने की उम्मीद थी.

राज्य सरकार ने AIADMK के अलग हुए गुट को शामिल करने की संभावना लगभग खत्म कर दी है, जबकि उसके 25 विधायकों ने फ्लोर टेस्ट में विजय का समर्थन किया था.

सूत्रों ने कहा कि VCK और वामपंथी दलों समेत गठबंधन सहयोगियों ने AIADMK को शामिल करने का कड़ा विरोध किया. AIADMK फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन में है.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्य सचिव पी. शन्मुगम ने पार्टी का रुख साफ करते हुए कहा कि अगर AIADMK विधायकों को मंत्री पद दिया गया तो CPI समर्थन वापस लेने पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि वामपंथी दलों ने सिर्फ TVK को सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण समर्थन दिया था और BJP की “पिछले दरवाजे से एंट्री” रोकने के लिए ऐसा किया था.

AIADMK के बागी गुट के नेता सी.वी. शन्मुगम ने दिप्रिंट से बात करते हुए मंत्री बनने की किसी इच्छा से इनकार किया. उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं कहा कि हमें सत्ता चाहिए या कैबिनेट में कोई उम्मीद है. हमारी शिकायत सिर्फ हमारी पार्टी के नेतृत्व से है और हमने TVK का समर्थन किसी लालच में नहीं किया.”

TVK के एक पदाधिकारी ने भी AIADMK को बाहर रखने की बात साफ शब्दों में कही. उन्होंने कहा, “खासतौर पर जब उनका आंतरिक विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है और पार्टी अब भी BJP के साथ गठबंधन में है, तब पार्टी ने उन्हें शामिल करने पर विचार नहीं किया.”

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्यपाल को विभागों के नए बंटवारे की सिफारिश की. ये बदलाव तुरंत लागू कर दिए गए ताकि TVK के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में कामकाज बेहतर हो सके. मुख्य बदलावों में वित्त विभाग एन. मैरी विल्सन को देना, वरिष्ठ मंत्री केए सेंगोट्टैयन को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग देना और मत्स्य पालन एवं मछुआरा कल्याण विभाग श्रीनाथ को देना शामिल है. वहीं कमाली को पशुपालन विभाग दिया गया है.

विभागों में बदलाव

गुरुवार को जारी नई विभाग सूची में मुख्यमंत्री विजय ने नगर प्रशासन और जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे. उन्होंने विशेष पहल, गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण कर्ज जैसे विभाग भी अपने पास जोड़े.

महिला कल्याण विभाग मंत्री के. जेगेदेश्वरी को दिया गया. कांग्रेस विधायक राजेश कुमार को पर्यटन मंत्री बनाया गया और उनके पार्टी सहयोगी पी. विश्वनाथन को उच्च शिक्षा विभाग दिया गया. इस फेरबदल को नए सरकार में क्षेत्रीय और गठबंधन संतुलन बनाने की कोशिश माना गया.

विजय सरकार ने एक अलग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग भी बनाया है. यह TVK के आर. कुमार को दिया गया है, जिनके पास सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाएं विभाग भी हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: मोदी सरकार ने देश के युवाओं को निराश किया, परीक्षा घोटालों ने ली है जान


 

share & View comments