scorecardresearch
Monday, 31 August, 2026
होमराजनीतिSIR के बाद दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से एक-तिहाई वोटरों के नाम हटाए गए

SIR के बाद दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से एक-तिहाई वोटरों के नाम हटाए गए

सोमवार को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में दिल्ली के नेशनल कैपिटल टेरिटरी के 47.56 लाख वोटर्स (कुल वोटर्स का 32.78%) शामिल नहीं हैं. 30 सितंबर तक दावे किए जा सकते हैं.

Text Size:

नई दिल्ली: दिल्ली में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) प्रक्रिया के बाद सोमवार को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 47.56 लाख वोटरों (कुल वोटरों का 32.78%) के नाम हटा दिए गए हैं.

हटाए गए 47.56 लाख वोटरों में से एक बड़ा हिस्सा—43.32 लाख या 29.86%—ऐसे लोगों का था जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं या अनुपस्थित हैं; 2.82 लाख या 1.95% वोटरों को मृत घोषित किया गया है, और 1.41 लाख या 0.98% वोटर ऐसे हैं जिनके नाम डुप्लिकेट थे या वोटर लिस्ट में कई जगहों पर दर्ज थे. जिन लोगों के नाम कई जगहों पर दर्ज पाए गए, उन्हें केवल एक ही जगह पर रखा जाएगा.

SIR से पहले कुल 97.53 लाख एन्यूमरेशन फ़ॉर्म (जो कुल वोटरों का 67.22% थे) वोटरों से इकट्ठा किए गए थे. SIR प्रक्रिया शुरू होने के समय, दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की वोटर लिस्ट में 1.45 करोड़ वोटर दर्ज थे.

दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय सोमवार से शुरू हो गया है और यह 30 सितंबर तक चलेगा.

नोटिस जारी करने और दावों व आपत्तियों के निपटारे का चरण भी शुरू हो गया है और यह 29 अक्टूबर तक चलेगा. अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी.

अगर कोई वोटर 30 जून से 17 अगस्त की तय समय-सीमा के भीतर अपना भरा हुआ एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा नहीं कर पाया था, तो वह दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए तय डिक्लेरेशन फ़ॉर्म के साथ ‘फ़ॉर्म 6’ जमा कर सकता है.

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल 97.53 लाख वोटरों में से 49.88 लाख पुरुष वोटर हैं और 47.64 लाख महिला वोटर हैं; 447 वोटर थर्ड जेंडर (अन्य) श्रेणी के हैं.

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे ज़्यादा वोटरों वाला विधानसभा क्षेत्र मटियाला है, जहां 3.33 लाख वोटर हैं, जबकि सबसे कम वोटरों वाला क्षेत्र दिल्ली कैंट है, जहाँ 41,654 वोटर हैं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: ‘जो हिंदू भारत में मुसलमानों के लिए कोई जगह नहीं देखता, वह हिंदू नहीं है’—US में मोहन भागवत


 

share & View comments