नई दिल्ली: हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की शामली, उत्तर प्रदेश में जिम के बाहर गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ दिनों बाद, हमले में शामिल दो संदिग्ध शूटर सोमवार सुबह एक एनकाउंटर में मारे गए. इस दौरान दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए, पुलिस ने बताया.
26 अगस्त को शाम करीब 7 बजे वर्मा मार्केट में अपना जिम छोड़कर निकलते समय अंकित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह जगह स्थानीय पुलिस स्टेशन से सिर्फ 200 मीटर दूर थी. पुलिस ने बताया कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोगों ने उस पर 18 से ज्यादा गोलियां चलाई थीं.
कुछ ही घंटों के अंदर, गोगी गैंग का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले एक इंस्टाग्राम अकाउंट ने हत्या की जिम्मेदारी ली. इसमें आरोप लगाया गया कि बालियान ने गैंग लीडर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की 2021 में कोर्ट के अंदर हुई हत्या पर एक गाना बनाया था. यह गाना करीब तीन साल पहले रिलीज हुआ था.
हमले के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ मिलकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी.
बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस की नाकाबंदी
शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) एनपी सिंह ने सोमवार को एक बयान में कहा कि दो संदिग्ध लोगों को रोकने की कोशिश की गई, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी.
हत्या के बाद SWAT टीम, सर्विलांस यूनिट और सभी थाना प्रभारी (SHO), असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) और सिटी और कैराना सर्किल ऑफिसर (CO) को मामले की जांच में लगाया गया था. पुलिस ने रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक नाकाबंदी करने का भी आदेश दिया था, ताकि बिना जांच के कोई वाहन जिले में दाखिल न हो सके.
सोमवार सुबह करीब 4 बजे, एक SHO अपने थाने के पास जांच कर रहा था. तभी उसने करनाल की तरफ से आती एक मोटरसाइकिल देखी और उसे रोकने की कोशिश की. पुलिस ने बताया कि बाइक पर सवार दो लोगों ने तुरंत उस पर फायरिंग कर दी.
वह बाल-बाल बच गया, हालांकि एक गोली उसके वाहन पर लगी. “उसने तुरंत वायरलेस पर मैसेज भेजा. संदिग्धों का वाहन तेज रफ्तार से आगे बढ़ा और कैराना की तरफ मुड़ गया. जब वे मन्ना मदरा पुल के नीचे पहुंचे, तब कोतवाली थाने के SHO धर्मेंद्र गौतम जांच कर रहे थे,” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा.
उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फायरिंग कर दी, जिससे वाहन का विंडशील्ड टूट गया. पुलिस ने बताया कि SHO ने तुरंत उन्हें ललकारा.
अधिकारी ने कहा, “संदिग्ध शहर की तरफ बाएं मुड़ गए. लेकिन वायरलेस पर पहले ही अलर्ट जारी हो चुका था, इसलिए हमारी SWAT टीम, सर्विलांस प्रभारी, SHO, CO सिटी, ASP और CO कैराना सभी मौके पर पहुंच गए. इसके बाद संदिग्धों ने अचानक अपना वाहन दाईं तरफ मोड़ दिया.”
जब पुलिस दूसरी तरफ से आगे बढ़ी, तो वे दाईं तरफ मुड़ गए और एक बंद गली में फंस गए. अधिकारी ने कहा कि पुलिस से घिरने के बाद उन्होंने बचाव की स्थिति अपनाई और जान से मारने के इरादे से फायरिंग शुरू कर दी.
अधिकारी ने कहा, “पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों को गोलियां लगीं. उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया.”
उन्होंने बताया कि मृत आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी मोहित, 22, और सुमित, 24, के रूप में हुई है. SP ने कहा कि दोनों अंकित बालियान की हत्या के मामले में शामिल थे और उनके बारे में जानकारी देने पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
पुलिस ने बताया कि मोहित के खिलाफ करीब 13-14 आपराधिक मामले थे, जबकि WiFi रिपेयर करने वाले सुमित के खिलाफ दो से तीन आपराधिक मामले थे.
पुलिस ने उनके पास से दो .30 पिस्तौल, एक .32 बोर पिस्तौल, 26 जिंदा कारतूस और 15 इस्तेमाल किए गए कारतूस के खोखे बरामद किए. एक Samsung मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसे वे हत्या के दिन मौके पर लेकर आए थे. इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और 5,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए.
जेल से हत्या की साजिश
अधिकारी ने कहा कि “जांच के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि सोनीपत का गोगी गैंग का सदस्य भोलू शाहपुरिया इस अपराध की साजिश का मास्टरमाइंड था. उसने इस हमले के बदले हथियार और पैसे दिए थे.”
अधिकारी ने यह भी कहा कि गोगी गैंग के लोग फिलहाल जेल में हैं और “वे जेल के अंदर से ऐसे अपराधों की साजिश करते हैं”.
अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “इस घटना की साजिश रचने वालों में राकेश पप्पू शामिल है, जो पानीपत का रहने वाला है और फिलहाल करनाल जेल में है, और रोहित मूई, जो इस समय तिहाड़ जेल में बंद है. चिराग उनका डिजिटल काम संभालता है. वह कनाडा में रहता है और भोलू का चचेरा भाई है. हम उसकी भी तलाश कर रहे हैं.”
अधिकारी ने बताया कि मामले में नामजद कुछ अन्य संदिग्ध अभी फरार हैं और SWAT टीम मामले पर लगातार काम कर रही है.
दुश्मनी
अधिकारी ने मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि टिल्लू ताजपुरिया के टिल्लू गैंग और गोगी गैंग के बीच लंबे समय से दुश्मनी थी. 2021 में टिल्लू ने कथित तौर पर रोहिणी कोर्ट के अंदर गोगी की हत्या की साजिश रची थी और वकील के कपड़े पहनाकर दो शूटर भेजे थे.
अधिकारी ने कहा, “तीन साल पहले ‘भरे कोर्ट में गोली मारेंगे’ बोल वाला एक गाना रिलीज हुआ था और अंकित ने उस गाने में एक्टिंग की थी. गोगी गैंग, जिसमें उसका परिवार, समर्थक और बचे हुए सदस्य, खास तौर पर भोलू शाहपुरिया, राकेश पप्पू और रोहित मूई शामिल हैं, ने इसे अपमानजनक माना.”
अधिकारी ने यह भी बताया कि अंकित पिछले कुछ वर्षों में रोहतक, सोनीपत और दिल्ली में रहा था, क्योंकि वह अलग-अलग शहरों से काम करता था. वह जिला पंचायत चुनाव लड़ने की योजना बना रहा था और राजनीति में आने के लिए तैयारी शुरू कर चुका था.
अधिकारी ने कहा, “करीब आठ महीने पहले अंकित शामली लौट आया था. उसने अपने बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया था, लेकिन उसके जिम जाने के रूटीन की बातें सामने आई थीं. आरोपियों ने इस पर बहुत करीब से नजर रखी थी. वह किस जिम में जाता था, किस समय जाता था और जिम से कब निकलता था, उसके साथ कौन जाता था और वह कौन सा वाहन इस्तेमाल करता था.”
अधिकारी ने कहा कि सोमवार को मारे गए दोनों लोग 20 अगस्त को सूर्य होटल गए थे. वे दो दिन वहां रुके और होटल के CCTV कैमरों में कैद हुए.
अधिकारी ने कहा, “उन्होंने होटल में अपनी ID और PAN की जानकारी दी थी और बिल भी चुकाया था. वे दो दिन रुके थे और अपने साथ एक GPS डिवाइस भी लाए थे, जिसे वाहन में लगाना था, लेकिन आखिरकार वे इसका इस्तेमाल नहीं कर सके.”
“उन्होंने रेकी की और जिम और उस कार के बारे में जानकारी जुटाई, जिसमें वह सफर करता था. 26 अगस्त को भोलू शाहपुरिया ने ग्रुप को हथियार दिए.”
उन्होंने कहा कि दो लोग करनाल से आए थे और दो अन्य सोनीपत से. “वे यहां इकट्ठा हुए और गोलीबारी की, जिसमें पीड़ित की मौत हो गई. उसे नौ गोलियां लगी थीं. इनमें .30 और .32 कैलिबर की गोलियां शामिल थीं, जिन्हें मौके से बरामद किया गया. हथियार किसने इस्तेमाल किया था, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस फोरेंसिक जांच कर रही है.”
अंकित बालियान के परिवार के सदस्यों ने दिप्रिंट को बताया कि वे सोमवार के एनकाउंटर को स्वीकार करते हैं, लेकिन वे पूरी तरह न्याय चाहते हैं.
परिवार के एक सदस्य ने कहा, “दो शूटर अभी फरार हैं. उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और जल्द ही एनकाउंटर में मारा जाना चाहिए. हमने पुलिस को बताया है कि हमें क्या चाहिए. हमारे परिवार को पूरा न्याय मिलना चाहिए.”
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