नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक सांसद ने इथेनॉल विवाद में तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि शुद्ध पेट्रोल क्या “किसी के बाप के घर” से आएगा. उन्होंने यह बात सरकार की इथेनॉल मिले पेट्रोल की नीति के खिलाफ बढ़ते विरोध के जवाब में कही.
कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने इथेनॉल मिले पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर मोदी सरकार पर अपना हमला तेज़ कर दिया है. इसी बीच रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा की टिप्पणी इस विवाद में एक और तीखी बात के तौर पर सामने आई है.
रीवा एयरपोर्ट पर एक कार्यक्रम के दौरान इथेनॉल मिले पेट्रोल का विरोध करने वालों को निशाना बनाते हुए मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि इथेनॉल काम नहीं करेगा और सिर्फ ‘शुद्ध’ पेट्रोल का इस्तेमाल होना चाहिए. नीति की आलोचना करने वालों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “देश में जब शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं तो क्या तुम्हारे बाप के यहां से आएगा?”
मिश्रा रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने वाली नई उड़ानों के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति और इथेनॉल नीति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, लेकिन कुछ “राष्ट्र-विरोधी तत्व” रुकावटें पैदा कर रहे हैं. मिश्रा ने आगे कहा कि ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं, पूरी दुनिया प्रधानमंत्री को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है.
इथेनॉल मिलाने की नीति का बचाव करते हुए सांसद ने कहा कि भारत केवल 20 प्रतिशत कच्चा तेल खुद पैदा करता है और बाकी तेल आयात करना पड़ता है. उन्होंने कहा, “गैस और तेल की बात करें तो हम जितना तेल इस्तेमाल करते हैं, उसका केवल 20 प्रतिशत देश में पैदा होता है. हमें 80 प्रतिशत विदेश से आयात करना पड़ता है. युद्ध छिड़ गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बंद है और 18,000 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करके देश में तेल पहुंचाया जा रहा है.”
“फिर भी जब पीएम मोदी कहते हैं कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाना होगा, तो प्रदर्शन शुरू हो जाते हैं और लोग कहते हैं, ‘इथेनॉल नहीं चलेगा—हमें सिर्फ शुद्ध पेट्रोल दो.’ क्या शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा? जब देश में शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध ही नहीं है, तो वह आएगा कहां से?”
इसके बाद मिश्रा ने दूसरे देशों के उदाहरण दिए, जिनमें ब्राजील भी शामिल है, जहां वाहन 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलते हैं. उन्होंने कहा, “ब्राजील दुनिया में इथेनॉल का सबसे बड़ा उत्पादक है. वहां वाहन बिना किसी समस्या के 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलते हैं. ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ और मैकेनिक भी मानते हैं कि इथेनॉल वाहन के इंजन को नुकसान नहीं पहुंचाता, फिर भी भारत में इसका बेवजह विरोध किया जा रहा है.”
मिश्रा विवादों से नए नहीं हैं. नवंबर 2022 में उन्होंने रीवा में पानी बचाने पर आयोजित एक कार्यशाला में कहा था, “ज़मीन में पानी खत्म होता जा रहा है, इसे बचाना जरूरी है…शराब पीजिए, तंबाकू खाइए, गांजा पीजिए या थिनर और सॉल्यूशन सूंघिए, लेकिन पानी की अहमियत समझिए.” उसी साल इससे पहले उन्हें एक स्कूल में अपने हाथों से टॉयलेट साफ करते हुए वीडियो में देखा गया था.
मिश्रा की हालिया टिप्पणी का वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “यह मध्य प्रदेश के रीवा से BJP सांसद जनार्दन मिश्रा हैं. E20 के कारण लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं, लेकिन उनका यह अहंकार सुनिए.”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते E20 (इथेनॉल मिले पेट्रोल) के मुद्दे को “बड़े स्तर पर” उठाने का वादा किया था. उन्होंने इसे लोगों से सीधी चोरी बताया था. उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था और कहा था कि यह “बड़ा मुद्दा” है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे “बड़े स्तर पर” उठाएगी, क्योंकि यह लोगों की कार, स्कूटर और उनकी जिंदगी को “बर्बाद” कर रहा है. उन्होंने हिंदी में आगे कहा, “दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है.”
विपक्ष इथेनॉल नीति को लेकर मोदी सरकार की आलोचना करता रहा है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी E20 ईंधन के खिलाफ देशभर में टाउन हॉल बैठकें शुरू की हैं. इन बैठकों का मकसद वाहन मालिकों से बातचीत करना और इथेनॉल मिले पेट्रोल से जुड़ी समस्याओं पर उनकी राय लेना है.
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