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Friday, 19 July, 2024
होमराजनीति'क्या भगवान एक पार्टी तक सीमित हैं?', PM मोदी को राम मंदिर समारोह में आमंत्रित किए जाने पर बोले सलमान खुर्शीद

‘क्या भगवान एक पार्टी तक सीमित हैं?’, PM मोदी को राम मंदिर समारोह में आमंत्रित किए जाने पर बोले सलमान खुर्शीद

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या भगवान अब एक पार्टी तक ही सीमित हो गए हैं. क्या निमंत्रण सिर्फ एक पार्टी को जा रहा है?

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या में राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण मिलने के एक दिन बाद, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने गुरुवार को आरोप लगाया कि अगले साल होने वाले 22 जनवरी के कार्यक्रम को सिर्फ एक पार्टी का कार्यक्रम बनाया जा रहा है.

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या भगवान अब एक पार्टी तक ही सीमित हो गए हैं.

खुर्शीद ने कहा, “क्या निमंत्रण सिर्फ एक पार्टी को जा रहा है? मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता कि कौन पहुंचेगा और कौन नहीं. लेकिन क्या भगवान अब एक ही पार्टी तक सीमित हैं? निमंत्रण सभी के लिए होना चाहिए, इसे सिर्फ एक पार्टी का कार्यक्रम बनाया जा रहा है. क्या यह एक पार्टी कार्यक्रम है या केवल एक व्यक्ति से संबंधित है?… निमंत्रण सभी को भेजा जाना चाहिए था.”

इससे पहले बुधवार को पीएम मोदी को अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह के लिए औपचारिक निमंत्रण मिला.

इसे भावनाओं से भरा दिन बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह “धन्य” महसूस करते हैं और यह उनका सौभाग्य है कि वह इस तरह के ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे.

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “आज का दिन बहुत भावनाओं से भरा हुआ है. अभी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी मुझसे मेरे निवास स्थान पर मिलने आए थे. उन्होंने मुझे श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर अयोध्या आने के लिए निमंत्रित किया है.”

उन्होंने पोस्ट में लिखा कि “मैं खुद को बहुत धन्य महसूस कर रहा हूं. ये मेरा सौभाग्य है कि अपने जीवनकाल में, मैं इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनूंगा.”

राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को कहा कि अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति स्थापित की जाएगी.

चंपत राय ने कहा, “आज, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्यों के साथ, हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. हमने उन्हें (पीएम मोदी को) 22 जनवरी को गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति स्थापित करने के लिए आने के लिए आमंत्रित किया है. उन्होंने हमारे अनुरोध को स्वीकार कर लिया है. वह 22 जनवरी को उपस्थित रहेंगे. 22 जनवरी को ‘प्राण प्रतिष्ठा’ की तारीख निश्चित है.”

गौरतलब है कि 2019 में अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भव्य राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था. शीर्ष अदालत के फैसले के बाद, केंद्र ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के संबंध में सभी निर्णय लेने के लिए श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना की.

ट्रस्ट की देखरेख में मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है. राम मंदिर निर्माण की आधारशिला पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2020 को रखी थी.


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