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Sunday, 15 March, 2026
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कांग्रेस ने अपने शासनकाल में असम के स्वास्थ्य बजट से हर साल 150 करोड़ रुपये हड़पे: अमित शाह

शाह असम के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार शाम को यहां पहुंचे थे. पूर्वोत्तर राज्य का चार महीने में उनका यह चौथा दौरा है.

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गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम में 15 वर्ष के अपने शासनकाल के दौरान राज्य के स्वास्थ्य सेवा बजट से प्रति वर्ष 150 करोड़ रुपये ‘‘अपनी जेब में डाल लिए’’.

शाह ने कहा कि दूसरी ओर, भाजपा ने राज्य में अपने 10 साल के शासनकाल में इस क्षेत्र को पूरी तरह से बदल दिया है.

शाह ने 2,092 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सेवा परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखते हुए कहा, ‘‘10 साल पहले असम की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था बदहाल थी क्योंकि कांग्रेस केवल अपने नेताओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति के लिए काम कर रही थी.’’

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि 2016 तक कांग्रेस के शासनकाल के दौरान इस क्षेत्र में भ्रष्टाचार हुआ था और कहा, ‘‘15 वर्षों तक, हर साल, राज्य के स्वास्थ्य बजट से 150 करोड़ रुपये उन्होंने अपनी जेब में डाल लिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन रुपयों को नौ लाख ऐसे बच्चों के इलाज पर खर्च दिखाया गया जो कभी पैदा ही नहीं हुए और 390 आंगनवाड़ी केंद्रों पर खर्च दिखाया गया जिनका निर्माण कभी हुआ ही नहीं.’’

शाह ने कहा कि भाजपा समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए काम करती है और उन्होंने राज्य की चिकित्सा सुविधाओं को गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों के बराबर लाने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की प्रशंसा की.

उन्होंने कहा, ‘‘दस वर्षों में असम चिकित्सा देखभाल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हो गया है.’’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करने के उनके प्रयास में देश को ‘‘बदनाम’’ करने के उनके कृत्यों का कोई भी भारतीय समर्थन नहीं करता.

उन्होंने नयी दिल्ली में हाल में हुए एआई शिखर सम्मेलन में कांग्रेस के ‘शर्ट उताकर’ विरोध प्रदर्शन करने और संसद भवन की सीढ़ियों पर ‘चाय-पकौड़ा’ खाने के लिए गांधी की कड़ी आलोचना की.

उन्होंने कहा, ‘‘हम भी विपक्ष में थे और हमने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए थे, लेकिन इसके लिए एक सही मंच होता है.’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘संसद लोकतंत्र की पवित्र जगह है. इसकी सीढ़ियों का इस्तेमाल धरने के लिए भी नहीं किया जाना चाहिए और राहुल गांधी वहां ‘चाय-पकौड़ा’ खा रहे थे. क्या उन्हें पता नहीं कि नाश्ता कहां करना चाहिए?’’

इससे पहले शाह ने यहां 675 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) का परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उद्घाटन किया.

उन्होंने ‘असम कैंसर केयर फाउंडेशन’ (एसीसीएफ) के तहत गोलाघाट और तिनसुकिया में निर्मित कैंसर केंद्रों का भी ऑनलाइन तरीके से उद्घाटन किया. इनमें से प्रत्येक केंद्र का निर्माण 135 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है.

उन्होंने दीफू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (220 करोड़ रुपए), जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (310 करोड़ रुपए) और बारपेटा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (284 करोड़ रुपए) में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की ऑनलाइन माध्यम से आधारशिला रखी.

शाह ने गुवाहाटी में 218 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्वास्थ्य भवन और 115 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अभयपुरी जिला अस्पताल की भी आधारशिला रखी.

शाह असम के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार शाम को यहां पहुंचे थे. पूर्वोत्तर राज्य का चार महीने में उनका यह चौथा दौरा है.

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.


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