Wednesday, 25 May, 2022
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दो मोर्चों पर छिड़ी सियासी जंग- गाय और राहुल गांधी पर BJP, कांग्रेस, RJD में आरोप-प्रत्यारोप तेज

गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गाय को ‘माता’ कहे जाने और राहुल गांधी की तरफ से हिंदुत्व और हिंदू धर्म में अंतर पर अपना अभियान जारी रखे जाने के कारण सियासी मैदान में जबर्दस्त जुबानी जंग छिड़ गई है.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण में गाय को ‘माता’ के तौर पर संबोधित करने और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा एक ट्वीट में हिंदुत्व की आलोचना करने और हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच अंतर बताए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों के बीच दो मोर्चों पर सियासी जंग छिड़ गई है.

कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं ने गाय को लेकर भाजपा के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा है कि हिंदुत्ववादी विचारक वी.डी. सावरकर खुद किसी पशु को ‘मां’ मानने की अवधारणा के खिलाफ थे और गोमांस खाने में कोई बुराई नहीं समझते थे.

इस बीच, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राहुल गांधी, उनके वंश और बतौर हिंदू उनकी साख पर हमला बोल दिया है.

विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने राहुल और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए दिप्रिंट से कहा, ‘हिंदू होने का दावा करने वाले एक भाई-बहन ने केरल में बीफ पार्टी का आयोजन किया था. वे अचानक हिंदू कैसे हो गए? वे फिरोज गांधी को कैसे भूल गए हैं. उनकी मां ईसाई हैं. पोप उनके घर आ चुके हैं. उन्होंने ईसाई धर्म से घर वापसी नहीं की है. उनका इरादा केवल हिंदुत्व और सावरकर को बदनाम करना है.’

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने दिप्रिंट से कहा, ‘चुनाव के समय राहुल गांधी ने अपना जनेऊ दिखाया और हिंदू होने का दावा किया. लेकिन उनकी पार्टी का गायों की हत्या और हिंदू धर्म को बदनाम करने में विश्वास करना हिंदुत्व के प्रति उनके अविश्वास को दर्शाता है.’ 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने राहुल को जनेऊधारी हिंदू बताया था.

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हिंदू धर्म बनाम हिंदुत्व और ‘गोमाता

जयपुर में 12 दिसंबर के अपने भाषण के विषय को आगे बढ़ाते हुए और अयोध्या में कथित भूमि घोटाले का जिक्र करते हुए बुधवार को राहुल गांधी ने एक ट्वीट में हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच अंतर बताते हुए लिखा, ‘एक हिंदुत्ववादी धर्म के नाम पर लूटता है. एक हिंदू सत्य के मार्ग पर चलता है.’

इसके जवाब में कर्नाटक भाजपा की तरफ से शुक्रवार को एक ट्वीट करके राहुल गांधी के पूर्वजों पर निशाना साधा गया.

उत्तराखंड भाजपा ने शुक्रवार को एक ट्वीट करके राहुल के धर्म पर सवाल उठाया, ‘जो लोग चर्च जाते हैं और चुनावों के कारण हिंदू की भूमिका निभाते हैं, वे हिंदुत्व या हिंदू धर्म को नहीं समझ सकते हैं.’

मध्य प्रदेश भाजपा ने भी शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘राहुल गांधी उसी तरह के हिंदू हैं, जिसकी बात शशि थरूर कर रहे थे. जो अयोध्या में मंदिर नहीं चाहते.’ गौरतलब है कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 2018 में कहा था कि ‘कोई भी अच्छा हिंदू किसी और के धर्मस्थल को गिराकर राम मंदिर बनते नहीं देखना चाहेगा.’


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हरियाणा भाजपा विधायक असीम गोयल ने भी शनिवार को राहुल पर निशाना साधा और कहा, ‘राहुल गांधी खुद नहीं जानते कि वह हिंदू हैं, मुस्लिम हैं या फिर ईसाई हैं. इस पर शोध होना चाहिए. उन्हें देश की नहीं बल्कि अपने और अपने परिवार के इतिहास-भूगोल की चिंता करनी चाहिए.’

सियासी जंग का दूसरा मोर्चा तब खुला जब गुरुवार को वाराणसी में किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए तो गायों के बारे में बात करना भी ‘अपराध’ है, लेकिन ‘हमारे लिए गाय मां है और पवित्र है जिसकी पूजा की जाती है.’

इसके जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को भोपाल में पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि खुद हिंदुत्ववादी विचारक वी.डी. सावरकर भी बीफ खाने में कोई बुराई नहीं मानते थे.

दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘सावरकर ने खुद अपनी किताब में इस बात उल्लेख किया है कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच कोई संबंध नहीं है, और यह कि गाय एक पशु है जो अपने ही मलमूत्र में लिपटी घूमती रहती है—तो यह हमारी माता कैसे हो सकती है—और यह भी कि गोमांस खाने से कोई समस्या नहीं है.’

एक दिन बाद, एक अन्य नेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी ने भी इसी तरह की टिप्पणी करते हुए कहा, ‘कोई पशु इंसान की मां या पिता कैसे हो सकता है? जो गाय अपना मलमूत्र अपनी ही पूंछ से देह पर लगा लेती है, उसे मां कैसे कहा जा सकता है? यह मानव जाति का अपमान है. ऐसा नहीं हो सकता कि आप सावरकर के हिंदुत्व के एक हिस्से को चुनें और दूसरे की उपेक्षा करें. यह पूरी तरह भाजपा का दोहरा मापदंड है.’

नाम न छापने की शर्त पर उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने दिप्रिंट को बताया कि अगर दिग्विजय सिंह जैसे कांग्रेसी नेता इस तरह के मुद्दों को उठाते रहे तो यह भाजपा के तो फायदेमंद ही होगा. नेता ने दावा किया कि दिग्विजय पहले भी ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामाजी’ कहकर भाजपा को फायदा पहुंचा चुके हैं.

उक्त नेता ने कहा कि हिंदुओं के हितों की रक्षा को लेकर तो कांग्रेस की साख पहले से ही खराब थी और दिग्विजय सिंह हिंदुओं को नाराज करके भाजपा की मदद ही कर रहे हैं, क्योंकि अधिकांश लोग गाय को पवित्र मानते हैं और ‘माता’ के रूप में ही देखते हैं.

(इस ख़बर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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