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Friday, 27 March, 2026
होमदेशनोबेल पुरस्कार की चोरी को न सुलझा पाना बंगाल के लोगों के लिए बड़ा अपमान : ममता

नोबेल पुरस्कार की चोरी को न सुलझा पाना बंगाल के लोगों के लिए बड़ा अपमान : ममता

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कोलकाता, नौ मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी 161वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोमवार को निराशा जताई कि 18 साल पहले चोरी हुआ उनका नोबेल पुरस्कार अभी तक नहीं मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई की यह ‘‘नाकामी’’ बंगाल के लोगों के लिए ‘‘बड़ा अपमान’’ है। राज्य सरकार के एक कार्यक्रम में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा अब तक जांच बंद कर दिए जाने की आशंका व्यक्त करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘मुझे इस बात से दुख होता है कि नोबेल पुरस्कार का पता इतने सालों बाद भी नहीं लगाया जा सका। यह (चोरी) वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल में हुई थी। मैं नहीं जानती कि अब कोई साक्ष्य बचा है या नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह पहला नोबेल था जो हमें प्राप्त हुआ था। और कोई उसे हमसे छीन कर ले गया। यह हमारे लिए बड़ी बदनामी है।’’

टैगोर को 1913 में उनके काव्य संग्रह ‘गीतांजलि’ के लिये साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। विश्व भारती संग्रहालय की तिजोरी से 25 मार्च 2004 को पदक और प्रशस्ति पत्र चोरी हो गए थे।

बनर्जी ने कहा कि महान कवि टैगोर अपने काम के जरिये हमेशा जीवित रहेंगे। बनर्जी ने कहा, ‘‘याद रखिए रवींद्रनाथ टैगोर को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नोबेल पुरस्कार जो खो गया वह हमारे दिलों पर अंकित है। सिर्फ एक ही कविगुरु हो सकते हैं।’’

इससे पहले दिन में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक मनगोविंदो अधिकारी ने यह कहकर नया शिगूफा छोड़ दिया कि ‘बंगाल के लड़कों’ ने कवि के अपमान का बदला लेने के लिये नोबेल पुरस्कार चुराया था।

विधायक ने हालांकि यह नहीं बताया कि उनके बयान के पीछे क्या तर्क है। अधिकारी ने बाद में कहा कि उनकी ‘जुबान फिसल गई’ थी। सीबीआई पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य पुलिस अब तक नोबेल पुरस्कार की चोरी का मामला सुलझा चुकी होती।

भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि जांच में देरी के लिये टीएमसी सरकार की केंद्रीय एजेंसी के प्रति ‘असहयोगात्मक’ रवैया जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा, ‘सीबीआई अब तक अपना काम पूरा कर लेती। टीएमसी सरकार के असहयोग की वजह से जांच में विलंब हुआ।’ सिन्हा ने आरोप लगाया कि चोरी में टीएमसी के नेता शामिल थे। सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को ‘निराधार’ बताकर खारिज कर दिया।

टीएमसी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘किसी भी रिपोर्ट में सीबीआई ने कभी दावा नहीं किया कि राज्य सरकार की तरफ से उसे सहयोग नहीं मिला। आरोप निराधार व राजनीति से प्रेरित हैं।’

भाषा प्रशांत आशीष

आशीष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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