नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में अधिवक्ताओं के रूप में नामांकन कराने के इच्छुक विधि स्नातकों को अनिवार्य रूप से स्थानीय पते वाला पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें उल्लिखित होना चाहिए कि वे दिल्ली/एनसीआर के निवासी हैं। दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) ने यह जानकारी दी।
दिल्ली में वकीलों के शासी निकाय बीडीसी ने 13 अप्रैल को जारी एक बयान में कहा कि नामांकन कराने के लिए आधार और मतदाता पहचान पत्र समेत पहचान पत्रों में दिल्ली/एनसीआर में का पता होना चाहिए।
परिषद ने कहा, ‘ बीसीडी में नामांकन कराने के इच्छुक सभी विधि स्नातकों को सूचित किया जाता है कि नामांकन आवेदन और अन्य दस्तावेजों के साथ उन्हें दिल्ली/एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र की प्रति भी संलग्न करनी होगी और आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र पर दिल्ली या एनसीआर का पता होना चाहिए।”
बीसीडी सचिव संजय राठी ने कहा कि अब से दिल्ली/एनसीआर के पते वाले आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र की प्रति के बिना कोई नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
यह निर्णय चार अप्रैल को बीसीडी की बैठक में लिया गया था।
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जोहेब माधव
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