जयपुर, पांच मई (भाषा) राजस्थान की कांग्रेस नीत सरकार के खिलाफ भाजपा ने अलवर के कंपनी बाग में ‘जन हुंकार रैली’ का आयोजन किया जहां पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार को राज्य में बहुसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार, मंदिर तोड़े जाने, किसानों की कर्जमाफी, बिगड़ती कानून व्यवस्था, बिजली कटौती, बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने, लंबित भर्तियों सहित जनहित के तमाम मुद्दों पर घेरा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने रैली को संबोधित करते हुये कहा कि, कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार से झूठे वादों के कारण प्रदेश का हर वर्ग दुखी है और यह सरकार ऐसे चल रही है जैसे इसका कोई ‘‘धनी धोरी नहीं है।’’
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों पर जनता के समर्थन से राजस्थान में 2023 में पार्टी तीन चौथाई बहुमत के साथ सरकार बनायेगी।
उत्तर प्रदेश मे अवैध निर्माण के खिलाफ हो रही कार्रवाई से तुलना करते हुए पूनिया ने कहा, ‘‘एक गहलोत सरकार है जो 300 साल पुराने मंदिर पर बुलडोजर चला रही है, वहीं उत्तर प्रदेश की (योगी आदित्यनाथ नीत) योगी सरकार भष्टाचार के खिलाफ बुलडोजर चला रही है।’’
उन्होंने कहा कि पिछले 40 महीनों से प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल में जाति, धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम किया है और जमकर राजनीति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान सबसे शांत प्रदेश था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं, प्रदेश की छवि धूमिल हुई है।’’
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूनिया ने कहा, ‘‘अशोक गहलोत कोटा में पीएफआई की रैली को अनुमति देते हैं लेकिन रामनवमी व हिन्दू नववर्ष पर जुलूसों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। करौली से लेकर जोधपुर तक हिन्दुओं पर हमले होते हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीएफआई अपने पैर पसार रही है और इसके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं।
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में अलवर अपराध का गढ़ बना हुआ है, इसलिए पार्टी ने अपनी हुंकार रैली की शुरुआत यहां से की है।
‘भाजपा जन हुंकार रैली’ को पूनिया के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, सांसद बाबा बालकनाथ ने भी संबोधित किया।
भाषा कुंज बिहारी अर्पणा
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