नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है और कहा कि ऐसा लगता है जैसे “भारत माता को बेच दिया गया हो.”
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया एक वैश्विक संकट के दौर से गुजर रही है. एक महाशक्ति का दौर खत्म हो रहा है, भू-राजनीतिक संघर्ष बढ़ रहे हैं और ऊर्जा तथा वित्त का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है. इसके बावजूद सरकार ने अमेरिका को ऐसे फैसले लेने की छूट दी है, जिससे भारत प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने कहा, “जब अमेरिका कहता है कि हम किसी खास देश से तेल नहीं खरीद सकते, तो इसका मतलब है कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा बाहर से तय हो रही है. क्या आपको शर्म नहीं आती? आपने भारत के हितों से समझौता किया है. ऐसा लगता है जैसे आपने भारत माता को बेच दिया है.”
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सामान्य परिस्थितियों में वह भारत को नहीं बेचते, लेकिन उन पर बाहरी दबाव है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिखाई देता है और ‘एपस्टीन फाइल्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि कई फाइलें अभी भी बंद हैं.
टैरिफ को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए. राहुल गांधी ने कहा कि पहले औसत टैरिफ करीब 3 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है. वहीं, अमेरिका से भारत में आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.
उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल बेतुका है. अमेरिका की ओर से कोई पक्का वादा नहीं है, लेकिन हम हर साल लगभग 100 अरब डॉलर का आयात बढ़ाने का वादा कर रहे हैं. हम रियायत दे रहे हैं, लेकिन बदले में हमें कुछ ठोस नहीं मिल रहा.”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत के टैरिफ 3 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गए हैं, जबकि अमेरिका के टैरिफ 16 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गए हैं.
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