नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को जब दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष शराब नीति मामले की सुनवाई से उन्हें अलग हो जाने की अपील की, तो न्यायाधीश ने आम आदमी पार्टी के नेता से कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने ‘अच्छी दलीलें दीं’ और वह वकील बन सकते हैं।
हालांकि, केजरीवाल ने जवाब दिया कि वह अपने वर्तमान पेशे से खुश हैं।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने शराब नीति मामले में अधीनस्थ अदालत के उस आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर उन्हें (न्यायाधीश को) सुनवाई से हट जाने को लेकर आप प्रमुख की एक घंटे तक चली अपनी दलीलें समाप्त करने के बाद कहा, ‘आपने अच्छी दलीलें दीं। आप वकील बन सकते हैं।’
हालांकि पूर्व आईआरएस अधिकारी ने जवाब दिया कि वह अपने वर्तमान पेशे से खुश हैं, वहीं आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने उनसे ‘प्रतिस्पर्धा न बढ़ाने’ का अनुरोध किया।
सोमवार को सुनवाई दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और शाम लगभग सात बजे तक चली। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
यह पहली बार नहीं है जब आम आदमी पार्टी प्रमुख ने स्वयं अदालती कार्यवाही में जिरह की है।
भाषा तान्या सुरेश
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