लखनऊ, 21 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि विधायिका में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाले संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा भाजपा के विपक्ष में बैठने का ‘अभ्यास’ है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने कहा, ‘‘यह पदयात्रा अभ्यास थी। यह दर्शाता है कि विपक्ष में बैठने पर उन्हें इसी तरह का आंदोलन करना होगा। यह पहली सरकार है जो सत्ता में रहते हुए विपक्ष के रूप में काम करने का अभ्यास कर रही है।’’
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) समेत अन्य विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने में रुकावट डालने का आरोप लगाते हुए लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पांच कालिदास मार्ग से विधान भवन तक मंगलवार को ‘जनाक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली।
पदयात्रा के दौरान अपने संबोधन में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘आज, हमारी बहनों के नेतृत्व में लखनऊ में ‘जनाक्रोश मार्च’ निकाला जा रहा है। यह मार्च देश में, विशेष रूप से ‘आधी आबादी’ के बीच, कांग्रेस, सपा, टीएमसी और द्रमुक के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ व्याप्त रोष का प्रतीक है।’’
इस पदयात्रा के समाप्त होने के कुछ देर बाद ही सपा मुख्यालय में विभिन्न दलों से आए नेताओं को पार्टी में शामिल कराने के बाद यादव ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘सुना है कि लखनऊ में पदयात्रा हो रही थी, लेकिन इतनी भीषण गर्मी में कोई काला चश्मा नहीं लगाया था।’’
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘और ये जो पदयात्रा थी वह अभ्यास है कि विपक्ष में रहकर ऐसे ही आंदोलन करना पड़ेगा। यह पहली सरकार है जो सरकार में रहकर विपक्ष में रहने का अभ्यास कर रही है।’’
यादव ने कहा कि इससे पहले शायद किसी सरकार ने अपने ही बनाए कानून के लिए इतना संघर्ष नहीं किया होगा, जितना यह संघर्ष कर रही है।
अखिलेश ने पीडीए का जिक्र करते हुए कहा, “इतिहास में पहली बार एक सामाजिक गुट भाजपा को इस चुनाव (2027) में हराने जा रहा है… यह गुट पीडीए है-पीडीए परिवार। साझा पीड़ा और मुद्दों से एकजुट लोग एक होकर भाजपा को परास्त करेंगे।’’
पीडीए से आशय पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक से है।
उन्होंने कहा कि पीडीए परिवार भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला करके सामाजिक न्याय पर आधारित समाजवादी सरकार की स्थापना करेगा।
महिला आरक्षण और लोकसभा में सीट की संख्या बढ़ाकर 816 करने से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने का जिक्र करते हुए यादव ने इसे ‘ऐतिहासिक लोकतांत्रिक विजय’ करार दिया और विपक्षी गठबंधन के नेताओं और मतदाताओं को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जनता और ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस प्रयास में सहयोग दिया। यह न केवल एक लोकतांत्रिक जीत है बल्कि भाजपा की पराजय भी है।’’
महिला आरक्षण पर अपनी पार्टी के रुख को स्पष्ट करते हुए अखिलेश ने कहा, ‘‘हम समाजवादी लोग हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रहे हैं। महिलाओं को आरक्षण मिले, उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोई दल आरक्षण को रोकना चाहता है, तो वह भारतीय जनता पार्टी है। हम उसकी मंशा को कामयाब नहीं होने देंगे। लोकसभा में केवल यह लोकतांत्रिक जीत नहीं हुई, बल्कि भाजपा की बदनीयत की भी हार हुई।”
यादव ने कहा कि ‘‘जो लोग गणना नहीं चाहते वे जानते हैं कि जब जनगणना होगी तो जाति आधारित जनगणना की मांग होगी और जब जाति जनगणना की मांग होगी तो लोग अपने हक और अधिकार की बात करेंगे, इसलिए भाजपा के लोग जनगणना नहीं कराना चाहते।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया, ‘‘जब जनगणना से आरक्षण मिलना है तो जब तक जनगणना नहीं होगी तब तक आरक्षण कैसे मिलेगा। इसलिए भाजपा की कोशिश थी कि जनता को गुमराह करे।’’
हिटलर के दुष्प्रचार तंत्र से तुलना करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को ‘गुमराह’ करने की कोशिश कर रही है। हिटलर के संदर्भ में अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘इतिहासकार बताते हैं कि हिटलर के जमाने में दुष्प्रचार के लिए एक मंत्री होता था। लेकिन यहां ना केवल सरकार बल्कि संवैधानिक पदों पर बैठे बहुत से लोग इसमें शामिल हैं। लेकिन जनता असलियत जानती है।’’
विपक्ष की संभावनाओं पर विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले समय में हम न केवल भाजपा को सत्ता से हटाएंगे बल्कि यह सुनिश्चित करेंगे कि वह हमेशा के लिए सत्ता से हट जाए।’’
भाषा आनन्द
संतोष
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