ईटानगर, चार अप्रैल (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के सुदूर मेचुका क्षेत्र में सरकार ने पारंपरिक पशुपालन को पुनर्जीवित करने और जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से ‘याक संरक्षण एवं संवर्धन कार्यक्रम’ शुरू किया है।
अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि शी योमी जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुक्रवार को याक आधारित आय बहाल करने के लिए किसानों के बीच छह याक (चार मादा और दो नर) वितरित किए गए।
इन इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में याक की संख्या में गिरावट आई है।
अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत 45 किसानों को वैज्ञानिक तरीके से याक पालन पर जागरूक किया गया। साथ ही, उत्पादकता बढ़ाने और इस प्रयास को दीर्घकालिक बनाने के लिए ‘अनुसूचित जनजाति घटक’ (एसटीसी) के तहत सहायता भी प्रदान की गई।
यह अभियान दिरंग स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय याक अनुसंधान केंद्र द्वारा इसके निदेशक मिहिर सरकार के नेतृत्व में ‘जोमलो मोंगकु मिथुन फार्मर्स फेडरेशन’ (जेएमएमएफएफ) और राज्य पशुपालन विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है।
भाषा प्रचेता खारी
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