नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) दिल्ली में दैनिक बस यात्रा को अधिक सहज और सम्मानजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग अपने चालकों और परिचालकों को विशेष प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रहा है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि विभाग चाहता है कि बस चालक और परिचालक यात्रियों के साथ विनम्रता से पेश आएं और बस के अंदर संचार को बेहतर बनाएं।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि परिचालकों को यात्रा के दौरान समय-समय पर बस में घूमकर यात्रियों की मदद करने, आने वाले स्टॉप और अंतिम गंतव्य की नियमित घोषणा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
वाहन चालकों को भी यात्रियों से सम्मानजनक तरीके से संवाद करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह योजना ऐसे समय पर आ रही है जब रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों में भीड़ और रूट संबंधी शिकायतें बढ़ रही हैं। इन उपायों से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और उन यात्रियों को विशेष सहायता मिलेगी जो बस के रूट से परिचित नहीं हैं।
विभाग बसों पर रूट नंबर और अंतिम गंतव्य को अधिक स्पष्ट और बड़े अक्षरों में लिखने पर भी विचार कर रहा है ताकि यात्रियों को रूट पहचानने में आसानी हो।
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार चाहती है कि हर यात्री को दिल्ली की बस सेवा “सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण” महसूस हो।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हम चाहते हैं कि दिल्ली की बस में चढ़ने वाले हर यात्री को उसका सफर सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण महसूस हो। विभाग ऐसे कदमों पर काम कर रहा है जो कर्मचारी को सौहार्दपूर्ण व्यवहार और स्पष्ट संचार के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि सभी के लिए यात्रा आसान हो।”
सेवा में सुधार के प्रयासों के साथ-साथ सरकार अपने इलेक्ट्रिक बस बेड़े का भी विस्तार कर रही है। इस महीने करीब 300 नयी ई-बसें सेवा में शामिल की जाएंगी।
सिंह ने बताया कि बेहतर यात्रा अनुभव और बेड़े का विस्तार एक साथ आगे बढ़ेगा।
सिंह ने कहा, “हम इस महीने 300 नयी ई-बसें शामिल कर रहे हैं, जो हमें 5,000 बसों के लक्ष्य के करीब ले जाएंगी और दिल्ली के लोगों को स्वच्छ, आधुनिक और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी।”
भाषा राखी रंजन
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