गांधीनगर, आठ मार्च (भाषा) गुजरात विधानसभा से कांग्रेस के विधायकों ने मंगलवार को बहिर्गमन किया और आरोप लगाया कि राज्य में बढ़ते अपराध के खिलाफ प्रदर्शन कर रही पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं को यहां पुलिस ने पीटा।
इससे पहले कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर में विधानसभा की ओर मार्च निकालने की कोशिश की लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक लिया। पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस की कम से कम 50 महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
कांग्रेस के सेवा दल की महिला सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर शहर के सत्याग्रह छावनी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था और वहां से वे विधानसभा की ओर बढ़ रही थीं।
पार्टी के एक नेता ने बताया कि विधानसभा का घेराव करके महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार से सवाल पूछना चाहती थीं। विधानसभा का इस वक्त सत्र चल रहा है।
गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयूर चावड़ा ने बताया कि महिलाएं बिना इजाजत के विधानसभा की ओर बढ़ रही थीं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें रोका और हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी करने और पीटने का आरोप लगाया है जिस वजह से कई कार्यकर्ता जख्मी हो गईं।
चावड़ा ने आरोपों को झूठा बताकर खारिज किया और कहा कि कार्यक्रम का आयोजन पुलिस को बदनाम करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सयंम से काम किया और जब उनपर हमला हुआ तो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों को एक सरकारी प्रशिक्षण केंद्र ले जाया गया है और हिरासत में रखा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, विपक्ष के नेता सुखराम राठवा, सेवा दल के प्रमुख लालजी देसाई समेत अन्य वरिष्ठ नेता केंद्र पहुंचे हैं।
ठाकोर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर महिला कार्यकर्ताओं को अपशब्द कहने और उनके खिलाफ बल प्रयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं लेकिन भाजपा सरकार अपराधियों की नकेल कसने में नाकाम रही है।
बाद में,विधानसभा से कांग्रेस के सदस्यों ने बहिर्गमन किया। कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने महिला प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारे और उन्हें लाठियों से पीटा।
उन्होंने कहा कि जब विपक्ष के नेता राठवा और सीजे चावड़ा मौके पर गए तो पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
उन्होंने कहा, “ हम चाहते हैं कि गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी मुद्दे पर बयान दें।”
सांघवी ने विधानसभा में कहा, “ पुलिस ने कुछ भी गलत नहीं किया। महिलाओं की गरिमा बनाए रखी गई।” उन्होंने कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों को बिना बल प्रयोग के हिरासत में लिया गया है।
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नोमान नरेश
नरेश
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