नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को सवाल किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष द्वारा दिये गये नोटिस पर कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि यह ‘‘निष्क्रियता’’ सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच ‘‘गुप्त समझौते’’ को दर्शाती है।
अपने नोटिस में, लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सांसदों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर ‘‘कार्यपालिका के इशारे पर काम करने’’ का आरोप लगाया है। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को ‘‘बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने’’ का भी आरोप लगाया है।
यह नोटिस 12 मार्च को दोनों सदनों में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन सचिवालयों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘विपक्षी दलों द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ दायर नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे संसदीय लोकतंत्र का मजाक उड़ रहा है। आप नोटिस को लेकर अनिश्चितकाल तक बैठे नहीं रह सकते और इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।’’
उन्होंने पूछा, ‘‘इससे यह बात फिर से साबित हो जाती है कि भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच एक गुप्त समझौता है। हमने 12 मार्च को दोनों सदनों में नोटिस सौंपा था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। क्या वे (बजट) सत्र के समाप्त होने और विधानसभा चुनावों के परिणाम घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं?’’
तृणमूल नेता ने केंद्र पर संसद का मजाक बनाने का भी आरोप लगाया।
भाषा
देवेंद्र संतोष
संतोष
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
