Monday, 27 June, 2022
होमदेशकौन चलाता है बजरंग दल ? ये लोग हैं जो नैतिक पहरेदारी और निगरानी में माहिर इस हिंदुत्ववादी समूह को ताकत प्रदान करते हैं

कौन चलाता है बजरंग दल ? ये लोग हैं जो नैतिक पहरेदारी और निगरानी में माहिर इस हिंदुत्ववादी समूह को ताकत प्रदान करते हैं

पुलिस पर दवाब डाल मुनव्वर फारूकी का कार्यक्रम रद्द करवाने से लेकर ईसाई प्रार्थना सभा पर हमला करने और प्रकाश झा पर स्याही फेंकने तक बजरंग दल नए सिरे से आक्रामक हो गया दिखता है.

Text Size:

नई दिल्ली: पिछले हफ्ते, बेंगलुरू में मुनव्वर फारूकी का एक शो (कार्यक्रम) रद्द कर दिया गया था और पुलिस ने इसके पीछे कानून और व्यवस्था का हवाला दिया था. इसी वजह से इस स्टैंड-अप कॉमिक (हास्य कलाकार) ने संकेत दिया था कि वह इस पेशे को छोड़ रहे हैं. इस साल की शुरुआत में इंदौर में हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक मजाक करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद से फारूकी विवादों के घेरे में फंसे हुए हैं.

इस शो के रद्द होने के पीछे जिन समूहों का हाथ था, उनमें से एक बजरंग दल भी है. बजरंग दल कर्नाटक के संयोजक सुनील के.आर. ने कहा, ‘हमने प्रशासन से उनके शो के बारे में शिकायत की है. वह लगातार हिंदू रीति-रिवाजों और भारत का मजाक उड़ा रहा है. हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. हमने कहा है कि अगर वह अपना शो करते हैं तो हम इसमें गड़बड़ कर सकते हैं.’

यह तो सिर्फ एक झलक भर है. बजरंग दल ने पिछले कुछ वर्षों में कर्नाटक में कथित तौर पर ईसाई धर्मांतरण का विरोध करने से लेकर प्रकाश झा की वेब श्रृंखला आश्रम के सेट पर हमला करने तक कई मुद्दों को उठाया है. इसके सदस्य कथित तौर पर उत्तर प्रदेश में ऐसे अंतर-धार्मिक विवाह वाले जोड़ों की तलाश में रहते हैं जिन्हें वे कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ या विवाह के आधार पर धर्मांतरण के रूप में वर्णित उदाहरणों के रूप में पेश करते हैं.

लेकिन ऐसा क्या है जो इस युवा समूह को क्रियाशील बनाता है – और इसके नेता कौन हैं?

इस दक्षिणपंथी युवा समूह के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सिंह सोलंकी ने कहा कि उनका मुख्य काम हिन्दू धर्म, संस्कृति की रक्षा करना है. वे कहते हैं, ‘जो कोई भी उसको नुक़सान पहुंचाएगा, अपमानित करेगा, उसे हम संस्कारित करेगें, हनुमान चालीसा पढवाएगें.’

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

राम मंदिर आंदोलन के हिस्से के रूप में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा शुरू की गई एक शोभा यात्रा की रक्षा के लिए 1 अक्टूबर 1984 को स्थापित, बजरंग दल अब एक धार्मिक सुरक्षा बल के रूप में अपनी प्रारंभिक भूमिका से बहुत आगे निकल गया है, और इसे अक्सर विहिप की युवा शाखा भी कहा जाता है. आज, यह देश भर में 40 लाख से अधिक लोगों की सदस्यता का दावा करता है, जो 52,000 से भी अधिक इकाइयों के रूप में संगठित हैं. मध्य प्रदेश इसके सबसे अधिक प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है, जहां इसकी लगभग 15,000 इकाइयां हैं, इसके बाद राजस्थान और गुजरात में इसकी 5,000-7,000 इकाइयां हैं.

यह एक विशाल संगठन है जिसका खुद का विशेष पदानुक्रम सोपान (हायरार्की) है.

सोहन सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय संयोजक

सोहन सिंह सोलंकी बजरंग दल के आठवें संयोजक है. मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल ईलाके धार के रहने वाले सोलंकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालीन प्रचारक रहे हैं और बजरंग दल का काम संभालने से पहले तीस साल से ज़्यादा समय तक प्रचारक की ज़िंदगी व्यतीत कर चके हैं. 2018 में बजरंग दल का राष्ट्रीय संयोजक बनने से पहले डेढ़ सालों तक सोलंकी इसके सह संयोजक पद पर रहे.

यह वह दौर था जिसमें बजरंग दल ने देश भर में लव जेहाद से लेकर गौ हत्या, धर्मांतरण, हिन्दू देवी देवताओं के टीवी-ओटीटी प्लेटफ़ार्म पर ग़लत चित्रण, लाफ्टर शो के कॉमेडियन के द्वारा भारत को बदनाम करने जैसे मुद्द्दों के ख़िलाफ़  देश के हर कोने में लड़ाई छेड़ी हुई थी.

सोलंकी ने इसका आगे बढ़कर नेतृत्व किया. राम मंदिर आंदोलन के बाद, उन्होंने धार में विहिप के नवल किशोर के साथ एक ऐसे ही आंदोलन का नेतृत्व किया,  जो भोजशाला, एक पुरातात्विक स्थल और हिंदू और मुस्लिम दोनों द्वारा दावा किए जाने वाले पूजा स्थल, पर नियंत्रण करने के लिए किया गया था.

फारूकी के बारे में बात करते हुए सोलंकी ने कहा कि यह हास्य अभिनेता एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार है कि हिंदू धर्म को कैसे बदनाम किया जाए’. वे कहते हैं ‘इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.

सूर्यनारायण, राष्ट्रीय सह संयोजक

सूर्यनारायण अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद से ही विश्व हिन्दू परिषद से पिछले 20 सालों से जुड़े रहें हैं. राष्ट्रीय सह संयोजक बनने से पहले दक्षिण के कर्नाटक से आने वाले सूर्यनारायण, कर्नाटक बजरंग दल के संयोजक थे.

सूर्यनारायण को 2008 में उस वक्त राज्य की बजरंग दल इकाई का संयोजक बनाया गया था, जब उनके पूर्ववर्ती महेंद्र कुमार को उनके पद से हटा दिया गया था और ईसाई समुदाय से जुड़े विवाद के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.

तब बजरंग दल के सदस्यों ने कथित रूप से मंगलुरु और उडुपी में ईसाई मिशनरियों, स्कूलों और 20 से अधिक चर्चों पर हमला किया था, जिसके कारण राज्य भर में ईसाइयों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था.

सूर्यनारायण 10 वर्षों तक राज्य संयोजक पद पर रहे. 2018 में, उन्होंने नए साल की पार्टियों के खिलाफ चेतावनी जारी की, सभी हुक्का बारों को जबरन बंद करवाने की धमकी दी, और कहा कि आधी रात को पार्टी करने से महिलाओं के यौन शोषण का खतरा बढ़ता है.

सूर्यनारायण ने दिप्रिंट को बताया,  ‘हमारा दल हिंदुओं और उनकी संस्कृति की रक्षा के लिए ही स्थापित किया गया था. धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ का अभियान लगातार चलाया जा रहा है. जब हमें खबर मिलती है, तो हम कार्रवाई करते हैं, लेकिन हम आदिवासी क्षेत्रों में भी बहुत सारी सेवा करते हैं.’

भरत बत्रा, दिल्ली प्रांतीय संयोजक

भरत बत्रा पिछले 10 वर्षों से विहिप से जुड़े हुए हैं और उस संगठन में एक विभाग प्रमुख थे.

पिछले साल चांदनी चौक में अदालत के आदेश के बाद हो रहे सौंदर्यीकरण अभियान के तहत एक हनुमान मंदिर को हटाने के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने एक बड़ा आंदोलन शुरू किया था,जिसमें बत्रा को प्रदर्शन और उसके विरोध में यात्रा निकालने के लिए हिरासत में भी जाना पड़ा.

पेशे से रियल स्टेट का काम करने वाले बत्रा कहतें है कि हिन्दू घर्म की रक्षा के लिए ही हमारा गठन हुआ है. चाहे दिल्ली के मंगोलपुरी में रिंकू शर्मा की हत्या का मसला हो या इसी साल मार्च में हरियाणा के वल्लभगढ की निकिता तोमर की सनसनीख़ेज़ हत्या का, बत्रा ने प्रांतीय संयोजक होने के नाते हर जगह विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया.


यह भी पढ़ें : युवाओं को लुभाने के लिए अनुच्छेद 370 के नाम पर अमित शाह के संसदीय क्षेत्र में BJP कराएगी स्पोर्ट्स लीग


बत्रा कहतें है, ‘निकिता की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वह मुस्लिम नहीं बनना चाहती थी और आरोपी उस पर धर्मपरिवर्तन का दबाब दे रहा था. यह लव जेहाद का मुद्दा था. हम लव जेहाद के मुद्दे के ऊपर कोई समझौता नहीं कर सकते हैं.’

वे आगे कहतें है, ‘ इन दिनों दिल्ली में दुकानों में टाइल्स पर हिन्दू देवी देवताओं के फ़ोटो लगे हैं, जिसपर लोग चढ़कर जा रहे हैं. इन दुकानों को हमने चेतावनी दी है कि ये टाइल्स हटा लें वरना नतीजे भुगतने को तैयार रहें.’

 सुशील सुदेले, मध्य प्रदेश प्रांतीय संयोजक

अक्टूबर 2021 में, फिल्म निर्माता प्रकाश झा भोपाल में अपनी वेब श्रृंखला आश्रम की शूटिंग कर रहे थे, जब बजरंग दल के सदस्यों ने उनके सेट पर तोड़फोड़ की, और झा के ऊपर स्याही भी गिरा दी. उन्होंने झा पर हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए जानबूझकर वेब श्रृंखला का आश्रम जैसा नाम चुनने का आरोप लगाया. इस सारे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व समूह के बजरंग दल के मध्य प्रदेश संयोजक सुशील सुदेले ने किया.

राज्य पुलिस ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में सुदेले समेत सात लोगों के नाम दर्ज किए हैं. हालांकि सुदेले को 24 घंटे के भीतर जमानत दे दी गई.

2014 में भोपाल की एक अदालत ने 2011 में हुई एक हत्या से संबंधित साजिश के एक मामले में उन्हें 14 साल कैद की सजा सुनाई थी. हालांकि, 2015 में सुदेले को इस मामले में भी जमानत मिल गई थी.

सुदेले भोपाल के पूर्व मेयर और भाजपा मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक शर्मा के रिश्तेदार भी हैं.

सुनील के.आर, कर्नाटक प्रांतीय संयोजक

इस साल अप्रैल में, बजरंग दल के चार कार्यकर्ताओं ने मंगलुरु में एक बस में घुसकर कथित तौर पर एक मुस्लिम युवक पर हमला किया, जो अपनी महिला मित्र के साथ बेंगलुरु जा रहा था. कर्नाटक में बजरंग दल के संयोजक सुनील के.आर. को उस समय यह कहते हुए उद्धृत किया गया था कि यह एक ‘लव जिहाद’ मुद्दा था और उन्होंने इसे रोकने के लिए हमले को अंजाम दिया था.

इसी तरह 28 नवंबर को बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता हासन जिले के बेलूर में एक ईसाई प्रार्थना सभा में जबरन प्रवेश कर गए और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए, कथित तौर पर प्रार्थना करने वाले वहां उपस्थित लोगों को खदेड़ दिया. इससे पहले, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का हुबली के एक अस्थायी चर्च में हंगामा करते और भजन गाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था.

इन सभी घटनाओं के दौरान विहिप के पूर्व सदस्य सुनील ही प्रभारी थे. उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि वे मुनव्वर फारूकी के शो को रद्द करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने में भी शामिल थे.

सुनील कहते हैं, ‘हिन्दू देवी-देवताओं का और भारत का अपमान करना कौन सा हास्य पैदा करता है? यह हम नहीं होने देगें. हमारा गठन ही समाज को सुसंस्कारित करने के लिए हुआ है.’ सुनील के मुताबिक़ कर्नाटक में बजरंग दल के 38 हज़ार से ज़्यादा कार्यकर्ता है.’

ज्वालित मेहता, उत्तर गुजरात संयोजक

इस साल अगस्त में, मेहता ने अहमदाबाद में एक किताबों की दुकान लैटीट्यूड में प्रदर्शित कामसूत्र की एक प्रति में आग लगा दी. इसके बाद उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह दुकानदार को धमकाते नजर आ रहे हैं. इसमें मेहता दुकानदार से कह रहें हैं कि अगर वह इस किताब को बेचना जारी रखता है, तो दुकान भी जला दी जाएगी.

मेहता पिछले 20 साल से बजरंग दल में हैं, और वर्तमान में इसकी उत्तरी गुजरात इकाई के संयोजक हैं. सितंबर में, उनकी टीम ने राज्य के मुस्लिम बहुल इलाकों में पोस्टर लगाए थे, जिसमें कहा गया था कि किसी भी मुसलमान को किसी भी गरबा समारोह (नवरात्रि के दौरान देवी के सम्मान में किया जाने वाला नृत्य) में प्रवेश करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

उसी महीने, गुजरात बजरंग दल ने मुनव्वर फारूकी को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उन्होंने राज्य में कहीं भी अपने शो करने की हिम्मत की तो उन पर हमला किया जा सकता है. बाद में उनके द्वारा पहले से तय कार्यक्रमों रद्द कर दिया गया था .

मेहता अपने समूह की गतिविधियों का बचाव करते हुए कहते हैं, ‘मुसलमान लोग गरबा समारोह में क्यों प्रवेश करेंगे? वे हिंदू बहुल इलाके में जमीन क्यों खरीदेंगे? उन्हें अपने इलाके में जमीन खरीदनी चाहिए. वे हिंदू लड़कियों से शादी करने और जमीन हड़पने के लिए ऐसा करते हैं. हम ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं.’

बजरंग दल की संगठनात्मक संरचना

संयोजक और सह-संयोजक की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय स्तर की संरचना के अंतर्गत कई प्रांतीय संगठन आते हैं, जिनमें बड़े प्रांतों में तीन से पांच तक संयोजक होते हैं.

बाल उपासना केंद्रों में नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम और आत्मरक्षा के लिए सामूहिक अभ्यास जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं. समूह मंदिरों में एक साप्ताहिक संस्कार दिवस भी आयोजित करता है, जिसमें हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ शामिल होता है, जिसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठित और ऊर्जावान बनाए रखना है. हनुमान जयंती को बाल उपासना दिवस के रूप में मनाया जाता है.

संगठन के भीतर, प्रत्येक केंद्र पर मुख्य जिम्मेदारियों को छह या सात प्रमुख लोगों में बांटा गया है. इनमें चालीसा प्रमुख जैसे अधिकारी शामिल हैं, जो हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के लिए जिम्मेदार होते हैं. अखाड़ा प्रमुख शारीरिक प्रशिक्षण का प्रभारी होता है. सुरक्षा प्रमुख की जिम्मेदारी किसी भी तरह की छापेमारी से पहले राज्य और केंद्रीय इकाइयों को सूचित करना होती है. प्रशिक्षण प्रमुख बजरंगियों के पूरे सालप्रशिक्षण पर ध्यान देता है.

(इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें )

share & View comments