जयपुर, 11 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से राजस्थान में होटल, रेस्तरां, फैक्टरियां, शादी समारोहों के कैटरर्स और पर्यटन प्रतिष्ठान रोजाना के कामकाज में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को घेरा, वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समीक्षा बैठक में कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति सामान्य और निर्बाध बनी हुई है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और भंडार की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और समय पर जनता को जानकारी दी जाए।
घरेलू और कमर्शियल गैस ग्राह, सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर भीड़ लगा रहे हैं।
वहीं व्यवसायिक सिलेंडरों की नई बुकिंग नहीं हो रही, जिससे उद्योगों पर असर पड़ा है।
रेस्तरां मालिकों का कहना है कि शादी समारोहों का खर्च भी बढ़ने की आशंका है।
उद्योग जगत के एक प्रतिनिधि ने बताया कि राजस्थान में हर साल करीब चार लाख शादियां होती हैं, जिनमें अप्रैल में ही लगभग 30,000 शादियां होंगी।
उन्होंने बताया कि कमी के कारण शादी का खर्च 25 से 30 हजार रुपये तक बढ़ सकता है।
‘जयपुर कैटरिंग डीलर्स कमेटी’ के अनुसार, शहर में करीब 6,000 से 7,000 रेस्तरां और ढाबे वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर हैं, इसके अलावा कई छात्रावास रसोईघर, ‘मैस’ सुविधाएं और हाईवे ढाबे भी रोजाना खाना बनाने के लिए इन सिलेंडरों का उपयोग करते हैं।
कुछ रेस्तरां संचालक अब कोयला भट्ठी, डीजल बर्नर का सहारा लेने पर विचार कर रहे हैं।
‘राजस्थान टेंट डीलर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष रवि जिंदल ने कहा कि सिलेंडरों की कमी से शादी का खर्च 25,000 से 30,000 रुपये तक बढ़ सकता है।
‘अलवर ट्रेड फेडरेशन’ के अध्यक्ष हरमीत सिंह ने कहा कि फैक्टरियां ‘वेल्डिंग’ और ‘कटिंग’ कार्य के लिए गैस पर निर्भर हैं, यदि गैस उपलब्ध नहीं हुई तो उत्पादन रुक जाएगा।
‘अलवर ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग सोसाइटी’ के प्रतिनिधि राहुल गुप्ता ने कहा कि कंटेनर मालभाड़ा बढ़ गया है और उपलब्धता कम हो गई है।
खाद्य प्रसंस्करण व्यवसायों ने बताया कि पश्चिम एशिया के कुछ बाजारों से मांग कमजोर हो गई है, ऐसे में हल्दी के निर्यात पर असर पड़ सकता है।
जयपुर के गोविंदगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में बोरोसिल की क्रॉकरी निर्माण इकाई में उत्पादन बंद हो गया है।
जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे गंतव्यों में होटल और रेस्तरां वाणिज्यिक सिलेंडरों पर पूरी तरह निर्भर हैं।
उदयपुर के होटल मालिक राजेश अग्रवाल ने कहा कि संकट केवल एक उद्योग को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि बाजार में धन का प्रवाह घटेगा और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
कांग्रेस नेताओं ने एलपीजी संकट के लिए केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध के कारण गैस संकट गहराना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि मोदी सरकार हमेशा की तरह लापरवाह और असंवेदनशील बनी हुई है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी से घरों पर बोझ बढ़ा है, वहीं कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर सिलेंडरों की कालाबाजारी भी हो रही है। भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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