नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि वह एक मामले में सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट नहीं चाहता है।
प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण की अगुवाई वाली पीठ ने पटना उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए कहा, “ कृपया इस अदालत में सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट नहीं दें। हम यहां कोई भी सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट नहीं चाहते हैं।”
इस पीठ में प्रधान न्यायाधीश के अलावा, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली भी हैं। यह टिप्पणियां इसलिए अहम हैं, क्योंकि कई न्यायविदों और शिक्षाविदों ने अतीत में पूर्व प्रधान न्यायाधीशों के कार्यकाल के दौरान संवेदनशील मामलों में सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट दायर करने की प्रथा पर ऐतराज़ जताया है।
शीर्ष अदालत उस व्यक्ति की अपील पर सुनवाई कर रही थी जो न्यायाधीश के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के आरोप में जेल में है।
पीठ ने कहा कि व्यक्ति को अब ज़मानत दे दी गई है और मामले को वापस उच्च न्यायालय भेजा जा सकता है।
पटना उच्च न्यायालय की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा कि अगर इजाजत हो तो बिहार सरकार सील बंद लिफाफे में एक रिपोर्ट दायर कर सकती है जिसमें व्यक्ति के बयान होंगे।
भाषा
नोमान पवनेश
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