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Friday, 17 April, 2026
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दक्षिण भारत में राजनीतिक घमासान के बीच चेन्नई में मोदी-स्टालिन के बीच दिखी गर्मजोशी

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(फोटो के साथ)

चेन्नई, आठ अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल द्रमुक और भाजपा के बीच राजनीतिक घमासान की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के साथ उनकी गर्मजोशी देखने को मिली।

इस बीच, राज्य सरकार के खिलाफ अनियमितताओं का आरोप लगा चुके भाजपा के प्रदेश प्रमुख के अन्नामलाई ने कहा है कि वह जल्द ही द्रमुक के मंत्रियों के ‘‘भ्रष्टाचार की सूची’’ जारी करेंगे।

स्टालिन ने शनिवार दोपहर यहां हवाई अड्डे पर मोदी की अगवानी की। प्रधानमंत्री विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए चेन्नई आए थे। चेन्नई हवाई अड्डे पर स्वागत के बाद नए टर्मिनल भवन पर भ्रमण के समय प्रधानमंत्री और स्टालिन हाथ थामे हुए थे।

दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध ऐसे समय दिखा है जब द्रमुक राजनीतिक रूप से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विरोध कर रही है और स्टालिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व वाली विपक्षी एकता की हिमायत कर रहे हैं। हालिया समय में राज्य में द्रमुक और भाजपा के नेताओं के बीच कई मुद्दों पर नोकझोंक हुई है।

दोनों नेताओं के बीच सहज रिश्तों से कुछ घंटे पहले तेलंगाना में प्रधानमंत्री ने राज्य नेतृत्व पर निशाना साधा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव हैदराबाद में प्रधानमत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

हैदराबाद में रेलवे परियोजनाओं और विकास योजनाओं का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र द्वारा राज्य में लागू की जा रही विकास परियोजनाओं में ‘‘बाधा डालने’’ के लिए तेलंगाना राज्य नेतृत्व पर हमला बोला। तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन मंच पर बैठी हुई थीं, जब प्रधानमंत्री ने राज्य नेतृत्व पर अपना हमला शुरू किया।

तेलंगाना के बाद मोदी करीब पौने तीन बजे चेन्नई हवाई अड्डा पहुंचे।

तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि के साथ तकरार के अलावा सत्ताधारी पार्टी द्रमुक का विपक्षी दल भाजपा से भी कई मुद्दों पर वाकयुद्ध छिड़ा है।

राज्यपाल आर एन रवि ने हाल में लोगों द्वारा 2018 के स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शन को ‘‘विदेश से वित्तपोषित’’ कहकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था।

बृहस्पतिवार को चेन्नई में राजभवन में एक कार्यक्रम के दौरान विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन को लेकर एक सवाल पर राज्यपाल ने कहा था, ‘‘स्टरलाइट का प्रदर्शन पूरी तरह से विदेश से वित्तपोषित था। समूची गतिविधियों के लिए वित्त पोषण हुआ था जिसके कारण प्रदर्शन और दुर्भाग्यपूर्ण पुलिस गोलीबारी में निर्दोष लोगों की जान गई।’’

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने इन टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि यह उन लोगों का अपमान है जिन्होंने न केवल स्टरलाइट संयंत्र के खिलाफ प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाग लिया बल्कि उनके संघर्ष में अपनी जान तक दे दी।

वर्ष 2018 में थूथुकुडी में स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 13 लोग मारे गए थे। द्रमुक ने राज्यपाल की टिप्पणी के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।

प्रधानमंत्री के आगमन के कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने उन्हें एक पत्र लिखकर मांग की थी कि राज्य के कावेरी डेल्टा क्षेत्र में चिह्नित किए गए तीन कोयला खंडों को राष्ट्रीय नीलामी सूची से हटा दिया जाए।

केंद्र ने तुरंत कदम उठाते हुए सूची से तीनों क्षेत्रों को हटा दिया। प्रदेश भाजपा नेता के अन्नामलाई ने भी एक बयान जारी कर त्वरित कदम उठाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

बहरहाल, प्रधानमंत्री ने चेन्नई हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल का उद्घाटन किया तो इस दौरान स्टालिन भी मौजूद थे और उनके बीच कुछ गर्मजोशी देखी गई।

स्टालिन ने चेन्नई हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी की और बाद में दोनों ने राज्यपाल रवि, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य गणमान्य लोगों के साथ नए एकीकृत टर्मिनल का भ्रमण किया। अगले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एमजीआर चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर चेन्नई-कोयम्बटूर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान भी स्टालिन मौजूद थे।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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