scorecardresearch
Monday, 12 January, 2026
होमदेशदयानिधि मारन की महीनों पहले बिहार के श्रमिकों पर की गई टिप्पणी पर भाजपा, द्रमुक में वाकयुद्ध

दयानिधि मारन की महीनों पहले बिहार के श्रमिकों पर की गई टिप्पणी पर भाजपा, द्रमुक में वाकयुद्ध

Text Size:

चेन्नई, 24 दिसंबर (भाषा) द्रमुक के लोकसभा सदस्य दयानिधि मारन द्वारा उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिकों पर महीनों पहले की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी का एक वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद भाजपा और राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के बीच जुबानी जंब छिड़ गई है।

मारन ने इस साल मार्च में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि तमिल और अंग्रेजी दोनों के अध्ययन की उनकी पार्टी द्रमुक हमेशा से वकालत करती रही है तथा तमिलनाडु के लोगों ने इसका अनुसरण किया है।

तमिलनाडु के मूल निवासी सुंदर पिचाई का उदाहरण देते हुए मारन ने कहा कि वह अब गूगल के प्रमुख हैं और अगर उन्होंने हिंदी सीखी होती, तो वह विनिर्माण क्षेत्र में श्रमिक के रूप में काम कर रहे होते।

वीडियो में वह यह कहते सुनाई देते हैं कि क्योंकि तमिलनाडु के बच्चे शिक्षित होते हैं तथा अच्छी अंग्रेजी सीखते हैं, इसलिए उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोजगार और अच्छा वेतन मिलता है।

वीडियो क्लिप में, मारन ने कथित तौर पर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों में जिन लोगों ने ‘केवल हिंदी’ सीखी , वे तमिल सीखने के बाद तमिलनाडु में घरों के निर्माण का काम करते हैं, सड़कें और शौचालय साफ करते हैं । अगर हिंदी सीखी जाए तो यही स्थिति होती है।’’

मारन की कथित टिप्पणी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि द्रमुक सांसद की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है और इसमें हिंदी भाषी लोगों के लिए अपमानजनक बातें हैं।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इस तरह की बातें ‘‘निश्चित रूप से’’ द्रमुक की आदत बन गई हैं। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक कई नेता ऐसी टिप्पणियां करते हैं और इससे पहले उन्होंने सनातन धर्म पर भी हमला बोला था।

पूनावाला ने कहा, ‘‘लेकिन कांग्रेस पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य दल इसलिए कुछ नहीं बोल रहे हैं, क्योंकि शायद वे सभी इसमें एक साथ हैं।’’

भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने कहा कि हालाँकि यह एक पुरानी टिप्पणी है, लेकिन यह द्रमुक नेताओं के ‘‘असली रंग’’ को दर्शाती है जो उत्तर भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘यह बिलकुल भी आश्चर्य की बात नहीं है। यह अभी, वर्तमान में हो रहा है। अतीत में भी ऐसा हुआ है। द्रमुक इसे भविष्य में भी जारी रखेगी।’

द्रमुक के प्रवक्ता जे. कॉन्स्टैंडिन रवींद्रन ने भाजपा पदाधिकारियों की निंदा करते हुए कहा कि वे जानबूझकर ‘‘झूठ’’ फैला रहे हैं।

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘द्रमुक एक समतावादी समाज के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। तमिलनाडु जैसा कोई विशेष राज्य श्रेष्ठ नहीं है। उत्तर प्रदेश या बिहार जैसा कोई अन्य राज्य हीन नहीं है। भाजपा के लोगों की दुर्भावना स्पष्ट है क्योंकि वे कुछ ऐसा दावा कर रहे हैं जो दयानिधि मारन ने कभी नहीं कहा या इसका मतलब यह नहीं था।”

भाषा नेत्रपाल नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments