नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल वास्तुकला पर कुछ प्रयोग करने के वास्ते जोधपुर जेल में एक थर्मामीटर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अंगमो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह मंगलवार को वांगचुक से मिलीं और अंततः उनके अनुरोध के अनुसार उन्हें जलवायु परिवर्तन पर एक किताब समेत अन्य पुस्तकें दीं।
मैगसायसाय पुरस्कार विजेता और शिक्षाविद वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के दो दिन बाद हुई, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में चार लोग मारे गए और 90 लोग घायल हो गए थे।
वांगचुक 110 दिनों से अधिक समय से जेल में हैं।
अंगमो ने कहा, ‘‘कल मेरी मुलाकात सोनम वांगचुक से हुई और मैंने उन्हें उनके बड़े भाई की ओर से उपहार स्वरूप दी गई चींटियों पर लिखी एक किताब और जलवायु परिवर्तन और उसके समाधान पर लिखी किताबें भेंट कीं, जिनकी उन्होंने मांग की थी।’’
उन्होंने यह भी बताया कि वांगचुक ने उनसे जेल प्रशासन और उच्चतम न्यायालय से यह पता लगाने के लिए कहा था कि क्या उन्हें थर्मामीटर जैसे उपकरण मिल सकते हैं।
अंगमो ने कहा, ‘‘उन्होंने (वांगचुक) मुझसे जेल प्रशासन और उच्चतम न्यायालय से यह पता लगाने के लिए कहा कि क्या उन्हें थर्मामीटर जैसे उपकरण मिल सकते हैं, ताकि वह जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल वास्तुकला पर सरल प्रयोग कर सकें।’’
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
