मधुबनी (बिहार), 26 अगस्त (भाषा) बिहार में विपक्षी महागठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस ने इस साल अक्टूबर-नवंबर में संभावित राज्य विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि ‘वोटर अधिकार यात्रा’ एक सितंबर को अपने समापन के साथ एक पड़ाव पर पहुंचेगी, लेकिन मंजिल नवंबर में हासिल होगी।
उन्होंने यह आरोप फिर लगाया कि बिहार में ‘‘वोट चोरी’’ के माध्यम से लोगों के अधिकारों की चोरी की जा रही है।
‘वोटर अधिकार यात्रा’ अपने 10वें दिन सुपौल से शुरू होकर दोपहर में मधुबनी पहुंची। यात्रा का समापन एक सितंबर को पटना में एक जनसभा में जरिये होगा।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला और राजद के वरिष्ठ नेता मनोज झा ने यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा।
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘देश और बिहार में नए नारे की गूंज सुनाई दे रही है कि वोट चोर, गद्दी छोड़। यह नारा अब पूरे देश का नारा बन चुका है।’’ उन्होंने कहा कि इस यात्रा से नई क्रांति का आगाज हुआ है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘ वोट चोरी असल में ‘हक चोरी’ का एक जरिया है।’’
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘एसआईआर से पहले ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने भविष्यवाणी कर दी थी कि 20 प्रतिशत वोट काट दिए जाएंगे। आखिर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ये कैसे पता था?’’
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ दल की मिलीभगत का सबूत ये भी है कि बिहार में 65 लाख वोट काट दिए गए, लेकिन भाजपा-जद(यू) ने एक शब्द नहीं कहा।
उन्होंने दावा किया कि बिहार में ‘वोट चोरी’ के प्रमाण निरंतर सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पटना, मधुबनी और पूर्वी चंपारण में 10.63 लाख वोट काटे गए हैं।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘वोट चोरी से हक चोरी की जा रही है।’’
राजद नेता मनोज झा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद लोगों को कई दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा ‘मत डकैती’ के खिलाफ एक आगाज है।
राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘आजादी के बाद निर्वाचन आयोग पर इतने सवाल कभी नहीं उठाए गए, जितने आज उठाए जा रहे हैं। आज गैर-पारदर्शिता निर्वाचन आयोग का गहना बन गया है।’’
झा ने कहा, ‘‘हम पहले उच्चतम न्यायालय नहीं गए, बल्कि निर्वाचन आयोग के पास गए और उनसे कहा कि ये अन्याय है, इससे वोट चोरी होगी। लेकिन आयोग का अहंकार ऐसा है कि एक महीने में लोगों से दस्तावेज जुटाने को कह दिया गया।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘जब हम उच्चतम न्यायालय गए तो राहत मिली, लेकिन परेशानी कम नहीं हुई है। आज भी दिक्कतें हैं, जिन्हें दबाने के लिए पूरी ताकत लगाई जा रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तेजस्वी यादव ने कहा है कि यह चुनाव सरकार नहीं, सरोकार बदलने का है। बिहार को बुनियादी रूप से बदलाव की जरूरत है।’’
झा ने कहा कि यह यात्रा एक सितंबर को एक पड़ाव पर पहुंचेगी, लेकिन इसकी मंजिल नवंबर का महीना है तथा बिहार नवंबर में अपनी मंजिल हासिल करेगा।
राजद नेता ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर सीमांचल और मिथिलांचल के लिए विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा, ताकि यहां से पलायन और बेरोजगारी को खत्म किया जा सके।
कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने दावा किया कि बिहार में भ्रष्टाचार का उल्लेख ‘कैग’ ने खुद किया हैं और आशंका जताई है कि 70 हजार करोड़ रुपये ‘चोरी’ हो गए।
उन्होंने कहा, ‘‘लोग पलायन को मजबूर हैं। बिहार में हमने सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण करवाया, जिसमें पता चला कि प्रतिभाओं का राज्य, सबसे गरीब है।’’
सुरजेवाला ने दावा किया कि बिहार में सिर्फ 14 प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और बच्चों के डॉक्टर की पोस्ट खाली हैं तथा ऐसे ही कई विभागों में तमाम पद खाली हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इन्हीं सब मुद्दों को लेकर हम ‘वोटर अधिकार यात्रा’ कर रहे हैं और हम बदलाव का संकल्प ले चुके हैं।’’
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा मंगलवार को अपने भाई और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ बिहार के सुपौल से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुईं।
भाषा हक हक दिलीप
दिलीप
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